
चंदौली सांसद विरेंद्र सिंह, (Pc-Patrika)
MLC Election UP:उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए मतदान की शुरुआत हो चुकी है। मतदाता अपना जनप्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान कर रहे हैं। वहीं, वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक विधानसभा परिषद चुनाव के लिए भी वोटिंग जारी है। चुनाव की इस प्रक्रिया के दौरान आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। वाराणसी के सदर तहसील में बनाए गए पोलिंग बूथ के अंदर सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा से भाजपा कार्यकर्ताओं की हुई धक्का मुक्की पर चंदौली से सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने प्रतिक्रिया दी है।
सपा सांसद ने कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी हारने लगती है और उसे लगता है कि उसकी हार होगी, तो इसी तरीके की मुजाहिबत करके वो झगड़ा करती है। जब बीजेपी का प्रत्याशी झगड़े पर उतारू हो जाए या उनके समर्थक जब उजाहमत पर उतारू हो जाए, तो आपको मान लेना चाहिए कि प्रदेश में बीजेपी की के कैंडिडेट हार रहे हैं और सपा जीत रही है। पुलिसकर्मियों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं की धक्का मुक्की को लेकर भी उन्होंने कई आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा, "पुलिसकर्मियों को उन्होंने (बीजेपी) सरकारी अधिकारी के जगह अपने पार्टी का कर्मचारी बना लिया है। इसलिए वो उस पर उन पर अपना अधिकार समझते हैं और संविधान को ठेंगा दिखाते हुए उन अधिकारियों से लड़ाई करते हैं।" सपा सांसद ने आरोप लगाया कि यदि यही काम समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता करते तो सरकार उनके ऊपर तमाम तरीके की धाराएं लाद देती और समाचारों में आने लगता कि समाजवादी पार्टी के लोग झगड़ा करने पर उतारू हो गए हैं। यह झगड़ालू हैं। लेकिन असली झगड़ालू आपको समझ में आ गया कि कौन लोग हैं। इसलिए वह उनके चेहरे बेनकाब हो गए।
वहीं, भाजपा एमएलसी धर्मेंद्र सिंह के मछलीशहर की विधायक रागिनी सोनकर के बीजेपी ज्वाइन करने के दावे पर सपा सांसद ने कहा, "सवाल यह है कि वह किस हैसियत से कह रहे हैं? उनके सूत्र क्या है? मैं नहीं जानता। लेकिन मैं आपको बता देना चाहता हूं कि तमाम ऐसे चेहरे उत्तर प्रदेश में हैं। वो सब समाजवादी पार्टी के लिए के अंदर आने के लिए लाइन में लगे हैं। जैसे ही राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव उन्हें हरि झंडी देंगे वैसे ही भाजपा छोड़ के समाजवादी पार्टी में आने आने की होड़ मच जाएगी।" विरेंद्र सिंह ने दावा किया है कि भाजपा के कई दर्जन ऐसे विधायक है जो सपा में आने के लिए इच्छुक हैं लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने दरवाजे उनके लिए नहीं खोले हैं।
सपा सांसद ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह खुद शिक्षक और शिक्षा को बहुत बेहतर तरीके से समझते थे। वह चाहते थे कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था ऐसी हो जिससे हमारे प्रदेश के छात्रों, नौजवानों का जीवन ऊंचा उठे। वो कामयाबी के डगर पर आगे बढ़े। वह समय-समय पर शिक्षकों की कठिनाइयों को लेकर के सदन के अंदर सदन के बाहर और सरकार में रहते हुए भी तमाम ऐसे काम किए हैं। समाजवादी पार्टी ही शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम कर सकती है और शिक्षकों की भलाई कर सकती है।
Updated on:
23 Oct 2026, 3:40 PM IST
Published on:
23 Oct 2026, 3:40 PM IST
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