
वाराणसी. बाहुबली रमाकांत यादव के सपा में शामिल होने की तैयारी से आजमगढ़ की सियासत में हड़कंप मच गया है। सपा व बसपा गठबंधन रमाकांत यादव को चुनाव लड़ाने की तैयारी में जुट गया है। बीजेपी ने इस बाहुबली का काट खोज लिया है और बीजेपी इस विधायक को प्रत्याशी बना देती है तो सियासत में तूफान आना तय है। बीजेपी का यह दांव बाहुबली नेता पर भारी पड़ सकता है।
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बाहुबली रमाकांत यादव के बेटे अरूण यादव बीजेपी से विधायक है। आजमगढ़ के फूलपुर विधानसभा से बीजेपी ने बाहुबली रमाकांत यादव के बेटे अरुण यादव को प्रत्याशी बनाया था। अरूण यादव ने बीएसपी प्रत्याशी को हरा कर चुनाव जीता था उसी समय से माना जा रहा है कि बाहुबली रमाकांत यादव के राजनीतिक विरासत संभालने के लिए उनका बेटा तैयार हो गया है। सूत्रों की माने तो चुनाव जीतने के बाद से पिता व बेटे में पार्टी को लेकर मतभेद शुरू हो गया है जो समय के साथ बढ़ता ही जा रहा है। राज्यसभा चुनाव २०१८ के पहले अटकले लगने लगी थी कि पिता रमाकांत यादव की अखिलेश यादव से बढ़ती नजदीकी के चलते बेटा अरूण यादव भी सपा प्रत्याशी को वोट दे सकता है। अरूण यादव ने सभी अटकलों को दरकिनार करते हुए बीजेपी प्रत्याशी को वोट देकर पिता से अलग राह चुन ली है। इसके बाद से पिता व पुत्र में पार्टी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है।
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पिता से विवाद बढऩे के बाद राजनीति में अधिक सक्रिय हुए अरूण यादव
पिता रमाकांत यादव से विवाद बढऩे के बाद से अरूण यादव राजनीति में अधिक सक्रिय हो गये हैं। हाल में ही आजमगढ़ में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या गये थे तो अरूण यादव पहले से अधिक सक्रिय हो गये थे। डिप्टी सीएम के साथ मंच साझा करने के साथ विभिन्न कार्यक्रम में भी भाग लिया। इसके बाद से इस बात का दावा होने लगा है कि अब पिता की छवि से अलग अरूण यादव खुद का बड़ा जनाधार करने में जुट गये हैं।
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बीजेपी बनाती है प्रत्याशी तो बैकफुट पर आ जायेंगे रमाकांत यादव
बाहुबली रमाकांत यादव के खिलाफ बीजेपी उनके पुत्र अरूण यादव को प्रत्याशी बना सकती है यदि ऐसा होता है तो रमाकांत यादव का बैकफुट पर आना तय है। आजमगढ़ में यादव व मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक है। सपा व बसपा गठबंधन होने पर रमाकांत यादव को दलित मत भी मिलेगा। ऐसे में अरूण यादव के बीजेपी प्रत्याशी बन कर चुनाव लडऩे से यादव वोट में सेंधमारी होना तय है। सवर्णों व यादव छोड़ कर अन्य पिछड़ा वर्ग का वोट रमाकांत यादव को कम मिलता है लेकिन अरूण यादव के प्रत्याशी बनाये जाने पर बीजेपी के नाम पर यह वोट मिल सकता है यदि ऐसा होगा तो चुनाव के सारे समीकरण ही बदल जायेंगे।
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