
सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Photo-IANS)
Varanasi MLC Election: वाराणसी स्नातक एमएलसी चुनाव की मतगणना के बीच समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा की बढ़त ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव खुद वीडियो कॉल के जरिए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के संपर्क में हैं। बनारस और आसपास के जिलों के सपा सांसद, विधायक और कार्यकर्ता रातभर मतगणना केंद्र पर डटे रहे। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट कर भाजपा, उत्तर प्रदेश सरकार और चुनाव आयोग पर आरोप लगाए हैं। हालांकि, प्रथम वरीयता के मतों में जीत का जरूरी आंकड़ा पूरा नहीं होने के कारण अब दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती से नतीजा तय होगा।
अखिलेश यादव ने मतगणना केंद्र पर मौजूद कार्यकर्ताओं की तस्वीरें साझा करते हुए उनसे सतर्क रहने और मतगणना पूरी होने तक डटे रहने की अपील की। उन्होंने लिखा कि सब डटे रहें और जीत का प्रमाणपत्र लेकर ही उठें, हम वाराणसी शहर के अपने कार्यकर्ताओं से अपील करते हैं कि वो मतगणना केंद्र पर भोजन, पानी, छतरी और तौलिये आदि की व्यवस्था करके अपने साथियों की मदद करें और हौसलों के गीत गाकर जागते रहें सवेरा अपना होगा। पोस्ट में उन्होंने सड़क पर लिखी चेतावनी का जिक्र करते हुए कहा कि सड़क पर लिखी वो चेतावनी याद रखें- नजर हटी, दुर्घटना घटी।’
सपा अध्यक्ष ने मतगणना के दौरान भाजपा, यूपी सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने करीब दर्जनभर एक्स पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी। अखिलेश ने वाराणसी में वोटों की गिनती रोकने या धीमी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके पीछे की साजिश को सभी समझ रहे हैं, लेकिन भाजपा इसमें सफल नहीं होगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वाराणसी में भाजपा की हार राष्ट्रीय खबर न बन जाए, इसलिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। री-काउंटिंग को लेकर भी अखिलेश ने निशाना साधा और कहा कि यह भाजपा राज का काउंट डाउन बन जाएगी।
बनारस स्नातक एमएलसी सीट पर भाजपा की मांग के बाद पांचवें राउंड की दोबारा मतगणना कराई गई। यह प्रक्रिया पिछली रात करीब 9 बजे हुई। पुनर्मतगणना में सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा को पहले की गिनती के मुकाबले तीन वोट अधिक मिले। दी गई जानकारी के मुताबिक, नौवें चक्र की मतगणना पूरी होने तक आशुतोष सिन्हा को 50,462 वोट मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी केदार सिंह को 31,189 वोट मिले। इस हिसाब से आशुतोष सिन्हा 16,261 वोटों से आगे थे।
बनारस स्नातक एमएलसी सीट पर कुल 1,18,000 वोट पड़े थे। जीत के लिए प्रथम वरीयता में 59,001 वोटों की जरूरत थी। आशुतोष सिन्हा यह आंकड़ा हासिल नहीं कर सके, इसलिए पहली वरीयता के वोटों से जीत-हार का फैसला नहीं हो पाया। अब दूसरी वरीयता के मतों की गिनती की जा रही है। इसके बाद ही अंतिम परिणाम स्पष्ट होगा। खबर में दी गई जानकारी के अनुसार, मतगणना का एक राउंड बाकी था।
मतगणना केंद्र पर सपा सांसद वीरेंद्र सिंह, ओम प्रकाश और छोटेलाल खरवार के अलावा विधायक तूफानी सरोज और जाहिद बेग समेत भदोही के विधायक, पार्टी नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने भी अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। इस बीच अखिलेश यादव वीडियो कॉल के जरिए नेताओं से लगातार संपर्क में हैं और मतगणना की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और अंतिम नतीजा आने तक मतगणना केंद्र पर डटे रहें।
Updated on:
29 Oct 2026, 9:26 AM IST
Published on:
29 Oct 2026, 7:41 AM IST
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