वाराणसी

अपार्टमेंट्स में अग्निशमन उपकरण दुरुस्त करने को बिल्डर्स को मिली इतने दिन की मोहलत

महात्मा गांघी काशी विद्यापीठ के सामने स्थित एक अपार्टमेंट में लगी आग के बाद एक तरफ जहां वाराणसी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष ने ऐसे अपार्टमेंट्स की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं अब पुलिस कमिश्नर ने ऐसे सभी बिल्डर्स को अपार्टमेंट में अग्निशमन उपकरण व्यवस्थित करने की सख्त हिदायत दी है।

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Apr 11, 2022
पुलिस कमिश्नर की बिल्डर्स संग बैठक

वाराणसी. सिगरा क्षेत्र स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के सामने स्थित अन्नपूर्णा ग्रैंड्योर में पिछले दिनों लगी आग के बाद जिला प्रशासन और वाराणसी विकास प्राधिकरण की सख्ती के बाद अब पुलिस कमिश्नरेट ने भी बिल्डर्स पर लगाम कसनी शुरू कर दी है। इसके तहत सोमवार क बड़े व बहुमंजिले अपार्टमेंट्स के बिल्डर्स संग बैठक कर उन्हें एक पखवारे की मोहलत दी गई।

घटना के दोषी किसी भी हाल में क्षमा योग्य नहीं

बहुमंजिली इमारतों (अपार्टमेंट्स) में अगलगी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बिल्डर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों संग बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि घटना इतनी बड़ी थी कि जिला प्रशासन सांसत में पड़ गया था। जिंदगियां खतरे में थी, बच्चे, बूढ़े धुएं से घबराहट महसूस कर रहे थे। घटना के दोषी किसी भी हाल में क्षमा योग्य नहीं है।

15 दिनों में दुरुस्त करवाएं अग्निशमन उपकरण

अगलगी की घटना के बाद सख्त रुख अपनाए पुलिस कमिश्नर ने बैठक में आग से बचाव के उपायों पर चर्चा करते हुए कहा कि चीफ फायर ऑफिसर (CFO) को सभी बहुमंजिली इमारतों में आग से बचाव के मानक पूरे होने के जांच के आदेश दिए गए है। इस पर बैठक में शामिल पदाधिकारियों ने मोहलत मांगी तो पुलिस कमिश्नर ने कहा कि प्रोजेक्ट्स के अग्निशमन यंत्रों को दुरुस्त कराने के लिए 15 दिन का समय दिया जाता है। इसके बाद फायर सिक्योरिटी ऑडिट में कमी मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

CFO को चिन्हीकरण करने के निर्देश

पुलिस कमिश्नर ने चीफ फायर ऑफिसर (CFO) को निर्देश दिया की प्रॉविजनल फायर के नॉन ऑब्जेक्शन सार्टिफिकेट प्राप्त करने वाले ऐसे प्रोजेक्ट, जिन्होंने मानक पूर्ण नही किया है उन्हें चिन्हित करें।

Published on:
11 Apr 2022 06:41 pm
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