
वाराणसी. लोकसभा चुनाव 2019 में महागठबंधन बनाम बीजेपी गठबंधन की लड़ाई होने वाली है। एक तरफ अखिलेश यादव व मायावती अपनी ताकत बढ़ाने में लगे हैं तो दूसरी तरफ बीजेपी का गठबंधन में बिखराव हो रहा है। यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार के अधिकारी केबिनेट मंत्री की बात नहीं मानते हैं विवश होकर कैबिनेट मंत्री को परिवार के साथ फावड़ा चलाना पड़ा है।
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यूपी के कैबिनेट मंत्री व सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओप्रकाश राजभर को जब बेटे के प्रीतिभोज के पहले घर के सामने की सड़क बनवाने के लिए कड़ी धूप में खुद ही फावड़ा चलाना पड़ा है तो आम आदमी का क्या होता होगा। कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दो माह पहले ही घर के सामने की 500 मीटर सड़क बनाने की मांग की थी। सुभासपा के अनुसार बकायदे इसकी लिखित मांग की गयी थी और अधिकारी 24जून के पहले सड़क बनवाने का कोरा आश्वासन देते रहे। जब शनिवार तक सड़क बनाने का काम नहीं शुरू हुआ तो खुद ही कैबिनेट मंत्री को फावड़ा चलाना पड़ा है। राजनीतिक रुप से बीजेपी व सुभासपा के रिश्ते बेहद खराब है लेकिन लगता है कि सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार बदला लेने के लिए सहयोगी दल के साथ ऐसा भी बर्ताव कर सकती है। यूपी के कैबिनेट मंत्री को खुद ही फावड़ा चलाना पड़ा है जो व्यवस्था पर बड़ा सवाल उठाता है।
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बीजेपी को छोड़ते जा रहे सहयोगी दल
एनडीए को तेजी से बीजेपी के सहयोगी दल छोड़ते जा रहे हैं सभी का एक आरोप है कि सत्ता मिलने के बाद बीजेपी अपने सहयोगी दल की बात नहीं सुनती है। शिवसेना ने बीजेपी का साथ छोडऩे के बाद से लगातार पीएम नरेन्द्र मोदी सरकार पर हमला बोला है। यूपी में बीजेपी का सुभासपा के साथ अनुप्रिया पटेल के अपना दल से गठबंधन है। बीजेपी व सुभासपा के रिश्ते अच्छे नहीं है और अपना दल की मांग पर भी बीजेपी ध्यान नहीं देती है ऐसे में देखना है कि लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी का कुनबा बढ़ता है या फिर कम हो जाता है।
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