वाराणसी

पीएम मोदी के साथ 6 विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर, प्रत्याशी हारे तो कम हो सकता कद

पीएम नरेन्द्र मोदी की लहर में जीता था चुनाव, जानिए क्या है कहानी
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Updated: 26 Nov 2017, 8:02 PM IST
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वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में बीजेपी के ६ विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर लग गयी है। निकाय चुनाव परिणाम में बीजेपी को झटका लगता है तो इन विधायकों के कद पर भी असर पड़ सकता है। बीजेपी विधायकों ने प्रत्याशियों के चयन में हस्तक्षेप किया था इसलिए हार के बाद उनके पास कोई बहाना नहीं होगा।
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बनारस जिले में कुल आठ विधानसभा सीट है। पीएम नरेन्द्र मोदी की लहर में बीजेपी व सहयोगी दल सुभासपा व अपना दल ने सभी आठों सीटों पर कब्जा किया हुआ है। इसमे से छह सीटों पर बीजेपी के विधायक है। कैंट से सौरभ श्रीवास्तव, शहर दक्षिणी से डा.नीलकंठ तिवारी, शहर उत्तरी से रवीन्द्र जायसवाल, पिंडरा से डा.अवधेश सिंह, रोहनिया से सुरेन्द्र सिंह व शिवपुर में अनिल राजभर विधायक है। कुछ विधायकों का आवास शहरी क्षेत्र में है तो कुछ का नगर पंचायत में आता है। निकाय चुनाव के तहत नगर निगम, नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत के लिए मतदान हुआ है। अब देखना है कि विधायकों के आवास व आस-पास के वार्ड से किस प्रत्याशी को विजय मिलती है।
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आसान नहीं है विधायकों की राह
बीजेपी विधायकों की राह आसान नहीं है। विधायकों के खास कई प्रत्याशियों का चुनाव फंस चुका है। ऐसे में इनकी प्रत्याशियों की हार होती है तो विधायकों को तगड़ा झटका लगना तय है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने निकाय चुनाव के लिए ताबड़तोड़ प्रचार किया है। अब देखना है कि सीएम योगी व उनकी टीम को इस चुनाव में कितनी सफलता मिलती है।
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पीएम मोदी से जोड़ कर देखी जायेगी गुजरात व बनारस में प्रत्याशियों की हार-जीत
पीएम नरेन्द्र मोदी के लिए गुजरात व बनारस दोनों एक जैसा हो गया है। गुजरात में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और यहां पर बीजेपी हार जाती है तो इसी पीएम मोदी की अब तक की सबसे बड़ी हार मानी जायेगी। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस निकाय चुनाव में भी बीजेपी का प्रदर्शन बहुत मायने रखता है। बनारस में हार का मतलब पीएम की कम होती लोकप्रियता मानी जायेगी।
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