माघ पूर्णिमा के दिन लग रहा साल का पहला चन्द्रग्रहण, जानिए क्या है कहानी
वाराणसी. माघ पूर्णिमा के दिन साल का पहला चन्द्रग्रहण लगने जा रहा है। बनारस की बात की जाये तो यहां पर चन्द्रग्रहण के दिन घंटों तक मंदिर के कपाट तक बंद रहेंगे। भारतीय शास्त्रों के अनुसार चन्द्रग्रहण के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखने से आने वाली समस्या को रोका जा सकता है। चन्द्रग्रहण लगने के घंटों पहले ही सूतक लग जायेगा। इसके चलते स्वस्थ्य व्यक्तियों को सूतक के समय भोजन से भी परहेज करना चाहिए।
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ज्योतिषाचार्य ऋषि द्विवेदी के अनुसार 30 जनवरी की रात 9.32 बजे से पूर्णिमा लग जायेगी। 31 जनवरी शाम 7.15 तक पूर्णिमा का मान रहेगा। चन्द्रग्रहण 31 को 5.18 बजे से आरंभ हो जायेगा। चन्द्रग्रहण खत्म होने की अवधि रात 8.41 बजे होगी। सम्पूर्ण ग्रहण काल 3.23 घंटे का होगा। भारत में ग्रस्तोदित खग्रास चन्द्रग्रहण लगने से के घंटों पहले ही सूतक लग जायेगा। चन्द्रग्रहण पुण्य नक्षत्र कर्क राशि पर होगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार चन्द्रग्रहण के नौ व सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले सूतक लगता है। इसके चलते सुबह 8.35 बजे सूतक लग जायेगा। स्वस्थ्य व्यक्ति को सूतक लगने से पहले ही भोजन कर लेना चाहिए। इसके बाद भोजन करना शास्त्रों में मना है। बीमार, बच्चों व रोगियों के लिए ऐसी कोई बाध्यता नहीं है।
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स्नान व दान से मिलता है मोक्ष
चन्द्रग्रहण में स्नान व दान करने से पुण्य मिलता है। शास्त्रों के अनुसार स्नान, दान यम नियम के लिए माघ माह को सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। माघ पूर्णिमा के साथ ही माघ माह का समापन होता है। ऐसे में चन्द्रग्रहण के असर को खत्म करने के लिए पूर्णिमा के दिन स्नान विशेष फलदायी होता है। स्नान करने के बाद प्रभु की अराधना करनी चाहिए। इसके बाद गुड़, चावल, घी, गरम वस्त्र आदि के दान से व्यक्ति को मोक्ष मिलता है।
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ग्रहण के दौरान बंद रहेंगे बनारस के प्रमुख मंदिरों के कपाट
चन्द्रग्रहण के चलते बनारस के प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर का कपाट 5.30 घंटा बंद रहेगा। दोपहर 3.30 बजे से रात 9 बजे तक बाबा विश्वनाथ मंदिर में दर्शन नहीं होंगे। इस दौरान बाबा को लगने वाला भोग, श्रृंगार व शयन आरती निर्धारित समय पर होगी। संकट मोचन मंदिर सुबह 9.22 से रात 9 बजे तक मंदिर का कपाट बंद रहेगा। अन्नपूर्णा मंदिर दोपहर 3.30 बजे से लेकर छह घंटे तक बंद रहेगा। अन्नपूर्णा मंदिर रात 9.30 बजे के बाद ही खुलेगा। इसी क्रम में काशी की प्रसिद्ध गंगा आरती चन्द्रग्रहण के मोक्ष के बाद ही होगी।
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चन्द्रग्रहण का राशियों पर प्रभाव
मेष:- शारीरिक कष्ट व धन का व्यय
वृष:-धन का व्यय व मानसिक चिंता
मिथुन:-रोग में वृद्धि व धन में व्यय
कर्क:-शारीरिक और मानसिक कष्ट व व्यय की अधिकता
सिंह:-क्रोध की अधिकता व धन का व्यय
कन्या:- धन के आगमन के साथ व्यय भी
तुला:-मानसिक चिंता के साथ धन की प्राप्ति
वृश्चिक:- मानसिक चिंता बनी रहेगी
धनु:-आर्थिक सफलता मिलने के साथ स्वास्थ्य में समस्या
मकर:-आर्थिक नुकसान के साथ स्वास्थ्य में परेशानी
कुंभ:-आर्थिक लाभ के साथ स्वास्थ्य में परेशानी
मीन:-शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता के साथ स्वास्थ्य में परेशानी
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स्नान, प्रभु अराधना व दान से होगा कष्टों का निवारण
चन्द्रग्रहण का असर एक माह तक रहता है। यदि कोई व्यक्ति स्नान करने के बाद प्रभु अराधना व दान करता है तो चन्द्रग्रहण से मिलने वाले कष्टों से बच सकता है। चन्द्रग्रहण माघ पूर्णिमा के दिन पड़ रहा है इसलिए स्नान, दान व प्रभु अराधना का महत्व बहुत अधिक बढ़ जाता है।
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