वाराणसी

वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण आज, भूलकर भी न देखें कुआंरी लड़किया

Chandra Grahan 2018 : चंद्र ग्रहण का यह है मुहुर्त काल, सूर्योदय के चंद घंटों बाद ही लग जाएगा सूतक

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चंद्र ग्रहण

वाराणसी. आज इस साल 2018 का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। माघ पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण लगने से सूर्योदय के चंद घंटों बाद ही सूतक लग जाएगा और काशी के सभी मंदिरों के पट बंद हो जाएंगे। इस दिन चांद आम दिनों के मुकाबले बड़ा दिखाई देगा।

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सूतक का समय
चंद्र ग्रहण का सूतक सुबह 8.18 बजे लग जाएगा। वाराणसी में संकटमोचन मंदिर का पट सुबह 9.15 बजे बंद होगा और रात को 8.45 बजे खुलेगा। साढ़े तीन बजे बाबा, विश्वनाथ, माता अन्नपूर्णा, बाबा काल भैरव समेत अन्य देवालयों के पट बंद हो जाएंगे। बाबा विश्वनाथ की साढ़े 7 बजे होने वाली सप्तऋृषि आरती दोपहर तीन बजे होगी जबकि भोग आरती व शयन आरती समयानुसार होंगे। वहीं इस चंद्रग्रहण का कुआंरी लड़कियों पर बुरा असर पड़ सकता है।


गंगा आरती का बदला समय
काशी के सभी मंदिरों के पट बंद हो जाएंगे। गंगा आरती का समय भी बदल गया है। गंगा आरती शाम छह बजे के बजाय ग्रहण समाप्त होने पर रात नौ बजे होगी। इसका कारण यह है कि ग्रहण का स्पर्श काल यानि आरंभ शाम 5 बजकर 18 मिनट 27 सेकेंड पर हो रहा है।

चंद्रग्रहण के मुहूर्त काल
ग्रहण का स्पर्श काल: शाम 5 बजकर 18 मिनट 27 सेकेंड
खग्रास आरंभ: शाम 6 बजकर 21 मिनट 47 सेकेंड
ग्रहण मध्य: शाम 6 बजकर 59 मिनट 50 सेकेंड
खग्रास समाप्त: शाम 7 बजकर 37 मिनट 51 सेकेंड
ग्रहण मोक्ष: रात 8 बजकर 41 मिनट 11 सेकेंड

चांद देखने से कुंवारी लड़कियों का टूट सकता है रिश्ता
मान्यताओं में चंद्र ग्रहण का चांद पीड़ित यानि दूषित माना जाता है। कहा गया है कि कुवारों के लिए यह चांद देखना अशुभ होता है। दरअसरल, चंद्रमा का संबंध शीतलता व सुंदरता से होता है। ग्रहण काल में चंद्रमा उग्र हो जाता है जिसका बुरा असर कुंवारों पर पड़ता है। श्रीपति चांद को देखने से कुंवारे लड़के-लड़की की शादी में अड़चन आ सकती है या फिर रिश्ता टूट सकता है।

Updated on:
31 Jan 2018 12:19 pm
Published on:
31 Jan 2018 07:51 am
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