वाराणसी

पेय जल को लेकर घमासान: हंगामा कर रहे ग्रामीणों ने किया पथराव, पुलिसकर्मी घायल, 37 गिरफ्तार

Stone pelting on police in Varanasi बनारस में पेयजल आपूर्ति के लिए ग्रामीण प्रधान से मिलने गए तो उनके साथ मारपीट की गई। रात में उस समय हंगामा शुरू हो गया। जब पुलिस ने जाम हटाने का दबाव बनाया पथराव में कई पुलिस कर्मियों को चोट आई पुलिस और पीएसी ने सर्च अभियान चला कर 37 लोगों को गिरफ्तार किया है। ‌
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पथराव में पुलिस ने 37 को किया गिरफ्तार (फोटो सोर्स- पत्रिका)
फोटो सोर्स- पत्रिका)

Stone pelting on police in Varanasi बनारस में जलापूर्ति बाधित होने के कारण ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। उन्होंने पेयजल के लिए सड़क पर जाम लगा दिया है। ग्रामीणों का कहना था कि पंप ऑपरेटर ग्राम प्रधान का भतीजा है और उसके कहीं चले जाने से जलापूर्ति नहीं हो रही है। प्रधान के घर शिकायत लेकर पहुंचे तो उनके साथ मारपीट की गई। जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों के रोष को देखते हुए कई थानों की पुलिस बुला ली गई। इस बीच में पथराव में एसीपी सहित कई थानों के गाड़ियों के शीशे टूट गए। रात में चलाए गए अभियान में पुलिस ने 37 को गिरफ्तार किया है। मामला रामनगर क्षेत्र का है।

पेयजल नहीं मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश

उत्तर प्रदेश के बनारस के सुल्तानपुर गांव में जलापूर्ति बाधित होने पर ग्रामीण ग्राम प्रधान के पास शिकायत लेकर पहुंचे। जहां उनके साथ मारपीट की गई। ‌ग्रामीणों का कहना था कि गांव के रहने वाले विशेष और रोहित पेयजल के लिए ग्राम प्रधान के पास गए थे। जहां ग्राम प्रधान के समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की। विशेष और रोहित की पिटाई से नाराज ग्रामीणों ने दुर्गा मंदिर पंचवटी मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान पति मनोज के कहने पर रोहित मौर्य, राहुल विश्वकर्मा और रोहित पटेल का पुलिस ने चालान कर दिया। प्रधान पक्ष के लोगों का चालान नहीं किया गया।

पुलिस ने समझाने का प्रयास किया

मौके पर पहुंचे रामनगर प्रभारी निरीक्षक दुर्गा सिंह ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं हुए। जाम रात 8 बजे तक चलता रहा। एसीपी डॉक्टर अतुल अंजान त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और उन्होंने भी समझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं हुए।

पुलिस पर पथराव

जाम को हटाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया तो ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। जिससे कई लोगों को चोटें आईं। पुलिस वाले भी घायल हुए हैं। जेतपुरा, रामनगर, लंका थाना पुलिस की गाड़ी के शीशे टूट गए। एसीपी की गाड़ी के शीशे भी टूट गए।हंगामा की खबर सुनकर डीसीपी गौरव बंसवाल भी रात में मौके पर पहुंच गए और उन्होंने उपद्रवियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। पुलिस पीएससी ने रात में सर्च अभियान चलाकर 37 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकांश उपद्रवी घर छोड़कर भाग गए। ‌

Updated on:
10 Nov 2025 01:00 pm
Published on:
10 Nov 2025 12:57 pm
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