सीएम अखिलेश यादव के हाथ जैकपाट, अंसारी बंधुओं पर दाग

चाचा शिवपाल यादव को घेरने की तैयारी में सीएम 

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Oct 28, 2016
akhilesh, shivapal and mokhtar
akhilesh, shivapal and mokhtar
वाराणसी. समाजवादी पार्टी में रार की शुरूआत पूर्वांचल के दबंग अंसारी बंधुओं यानि माफिया डॉन और विधायक मोख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल के सपा में विलय के निर्णय को लेकर। शिवपाल यादव हर कीमत पर अंसारी बंधुओं की पार्टी का सपा में विलय को आमादा थे जबकि विरोध में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव। अखिलेश यादव का विरोध माफिया-गुंडों को पार्टी में लाने का था। इस मुद्दे ने सपा में ऐसा घमासान मचाया कि पिता-पुत्र से लेकर पूरा परिवार दो खेमे में बंट गया। भाई के साथ खड़े सपा सुप्रीमो ने अखिलेश की बातों को दरकिनार करते हुए बीते दिनों खुली बैठक में अंसारी बंधुओं को क्लीनचिट देते हुए कहा कि वे सम्मानित परिवार से हैं। सपा में कौएद के विलय का फैसला उनका था।
अब अखिलेश यादव के हाथ ऐसा जैकपॉट लगा है जिससे वे पिता मुलायम सिंह यादव व चाचा शिवपाल यादव को जनता के बीच घेरने की तैयारी में हैं। अखिलेश यादव अब जनता के बीच जाकर अंसारी बंधुओं के कृत्य का खुलासा करते हुए मुलायम और शिवपाल से जवाब मांगेंगे जिसका उत्तर देना आसान न होगा।

दरअसल, देह व्यापार की सूचना पर गाजीपुर में दो दिन पूर्व स्थानीय पुलिस ने एक होटल में दबिश दी। पुलिस की आंखें खुली रह गई क्योंकि पूरा का पूरा होटल ही देह व्यापार में जकड़ा था। मोख्तार अंसारी के गढ़ मोहम्मदाबाद के युसूफपुर इलाके में स्थित उक्त होटल से आधा दर्जन युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए। यह होटल मोख्तार अंसारी के रिश्तेदार का है और उन्होंने एक शख्स को संचालन के लिए दे रखा था। बताते हैं कि मोख्तार अंसारी का नाम इस होटल से जुड़ा होने के कारण पुलिस-प्रशासन भी दूरी बनाकर रहते थे। दो दिन पूर्व पुलिस के अचानक तेवर बदलने और सूचना पर बिना हिचक दबिश देने के चलते हर कोई भौचक था। यहीं वजह थी कि यहां पर हर तरह के गलत कार्य धड़ल्ले से चलते थे। पुलिस कार्रवाई के दौरान जिनके घरों के बिगड़ैल युवक-युवतियां पकड़े गए थे, वे अंसारी बंधुओं के घर के बाहर डेरा जमाए थे। मौके की नजाकत व हालात देखते हुए अंसारी बंधुओं ने मदद से साफ इंकार कर दिया। अंसारी बंधुओं के परिवार को इस बात की चिंता सता रही थी कि पहले से ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सपा में उनकी पार्टी के विलय के खिलाफ थे, अब उनके नाम से जुड़े कारोबार का काला सच सबके सामने आ गया जो अखिलेश यादव व उनके समर्थकों के लिए जैकपॉट की तरह है। वे इसे मुद्दा बना सकते हैं।

अखिलेश यादव की पूर्वांचल में सक्रिय टीम ने इस पूरे मामले से उन्हें अवगत करा दिया है। सूत्रों की माने तो अखिलेश अपनी समाजवादी विकास रथयात्रा के दौरान इन मुद्दों को जनता के बीच लाएंगे। ऐसे में अंसारी बंधुओं को फिर से दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। वैसे भी सपा में चल रही रार से अंसारी बंधुओं को खासी टेंशन है क्योंकि अखिलेश एक तो उनकी पार्टी के सपा में विलय के खिलाफ है तो दूसरी तरफ टिकट वितरण का अधिकार मांग रहे हैं। अखिलेश के हाथों अगर टिकट वितरण की कमान आई तो संभव है कि अंसारी बंधुओं के टिकट न कटें लेकिन उनके अन्य समर्थकों के टिकट कटने से कोई नहीं रोक सकता है।
Published on:
28 Oct 2016 12:29 pm