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गुजरात में अच्छी बारिश से खरीफ बुवाई ने पकड़ी रफ्तार, 59.26 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गई फसलें

सामान्य बुवाई क्षेत्र का 69.47 प्रतिशत है। कृषि विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार कपास, मूंगफली और सोयाबीन जैसी प्रमुख फसलों की बुवाई ने अच्छी गति पकड़ी है।
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Kharif Sowing Progress

अहमदाबाद जिले में एक खेत में धान की पौध रोपते हुए।

Ahmedabad: गुजरात अच्छी बारिश का असर खरीफ की फसलों की बुवाई पर दिखाई देने लगा है। किसानों तेजी से बुवाई के कार्य में लगे हुए हैं। मंगलवार तक राज्य में 59.26 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है, जो सामान्य बुवाई क्षेत्र का 69.47 प्रतिशत है। कृषि विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार कपास, मूंगफली और सोयाबीन जैसी प्रमुख फसलों की बुवाई ने अच्छी गति पकड़ी है, जबकि कुछ दलहनी और तिलहनी फसलों की बुवाई जारी है।

प्रदेश में कपास की बुवाई सबसे अधिक 20,00,700 हेक्टेयर में हो चुकी है, जो सामान्य क्षेत्र का 83.95 प्रतिशत है। इसके बाद मूंगफली की बुवाई 17,50,871 हेक्टेयर (91.41 प्रतिशत) तथा चारा फसलों की बुवाई 5,21,855 हेक्टेयर (51.23 प्रतिशत) में हुई है। धान की बुवाई 4,63,289 हेक्टेयर (52.14 प्रतिशत) और सोयाबीन की बुवाई 2,79,160 हेक्टेयर में पूरी हो चुकी है, जो सामान्य क्षेत्र के 99.24 प्रतिशत तक पहुंच गई है। प्रतिशत के आधार पर देखें तो अब तक सोयाबीन की सबसे अधिक बुवाई हुई है। 99.24 फीसदी बुवाई हो चुकी है।

कम बुवाई वाली फसलें

वहीं, कम बुवाई वाली फसलों में तंबाकू सबसे पीछे है। इसकी बुवाई महज 290 हेक्टेयर (0.64 प्रतिशत) क्षेत्र में हुई है। अन्य दलहन केवल 210 हेक्टेयर (3.15 प्रतिशत), अन्य तिलहन 70 हेक्टेयर (8.68 प्रतिशत), अरंडी 52,655 हेक्टेयर (7.69 प्रतिशत) और तिल 7,597 हेक्टेयर (15.33 प्रतिशत) क्षेत्र में बोई गई है। मूंग की बुवाई भी अभी 11,908 हेक्टेयर, यानी सामान्य क्षेत्र के 21.17 प्रतिशत तक ही पहुंच सकी है।

तिलहन की फसलों की बुवाई 71 फीसदी से अधिक

तिलहन फसलों की बुवाई सबसे अधिक 20.90 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो सामान्य क्षेत्र का 71.31 प्रतिशत है। इसके बाद अन्य फसलें 27.11 लाख हेक्टेयर (71.30 प्रतिशत), दलहन 2.85 लाख हेक्टेयर (68.51 प्रतिशत) और अनाज 8.39 लाख हेक्टेयर (60.80 प्रतिशत) क्षेत्र में बोए गए हैं।