जनता की शिकायत नहीं सांसद व विधायकों की रिपोर्ट पर हो रही कार्रवाई, जानिए क्या है कहानी
वाराणसी. सीएम योगी सरकार में अधिकारियों के तबादले को लेकर खुलासा होने लगा है। सरकार में जनता की सेवा करने वाले अधिकारियों को सांसद व विधायक तक की शिकायत पर काम करने वाले अधिकारियों का तबादला कर दिया रहा है। ऐसे अधिकारियों को साइड करने की जगह दूसरे पद पर भेज कर थोड़ी राहत दी जा रही है।
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सपा सरकार में जिस तरह से नेताओं के कहने पर अधिकारियों को हटा दिया जाता था उसी राह पर सीएम योगी सरकार चल रही है। सरकार के वरिष्ठ नेता यह जानने तक का प्रयास नहीं करते हैं कि जिन अधिकारियों की शिकायत हो रही है उनकी कार्यप्रणाली कैसी है। बीजेपी में तबादले की यह राजनीति सहयोगी दल की शिकायत के बाद शुरू हुई है। बीजेपी के सहयोगी दल सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने गाजीपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी संजय खत्री से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। अच्छी छवि के जिलाधिकारी माने जाने वाले संजय खत्री को हटाने के लिए कैबिनेट मंत्री ने खुद धरना देने की बात कही थी। सीएम योगी ने जिलाधिकारी को राहत देते हुए उन्हें तुरंत नहीं हटाया था लेकिन कुछ माह बाद रूटीन तबादले के नाम पर संजय खत्री को गाजीपुर से हटा कर रायबरेली का जिलाधिकारी बना दिया था।
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जनता नहीं सांसद व विधायकों को खुश करने में जुटी है सरकार
सीएम योगी सरकार को जनता से अधिक सांसद व विधायकों की खुशी की चिंता है। इसका दूसरा उदारहण पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में देखने को मिला। यहां पर ईमानदार युवा आईएएस पुलकित खरे ने भूमाफिया व बिल्डर्स लॉबी पर जब शिकंजा कसा तो बीजेपी विधायक को समस्या होने लगी। बीजेपी विधायक ने सीएम योगी से लेकर नगर विकास मंत्री से वीडीए वीसी के खिलाफ शिकायत की। सीएम योगी सरकार ने यह नहीं जाना कि जिस अधिकारियों ने वीडीए के भ्रष्टाचार को खत्म करने के साथ विभाग की आय बढ़ायी है उसे वीसी पद से हटा कर हरदोई जैसे जिले का डीएम बना दिया। इससे नियमों को तोडऩे वालों को हौसला बुलंद हुआ है और अधिकारियों को निराशा हुई।
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बीजेपी सांसद ने कहा कि मैने कराया तबादला
जौनपुर के जिलाधिकारी सवज्र्ञ राम को हटा कर मथुरा का डीएम बना दिया गया है। खास बात है कि इसके बाद जौनपुर से बीजेपी के सांसद रामचरित्र निषाद ने अपने फेसबुक पर पोस्ट करके सबको बताया है कि उनके कहने पर ही डीएम को हटाया गया है। इससे साफ हो जाता है कि यूपी सरकार में जनता की श्किायत नहीं माननीय की रिपोर्ट पर अधिकारी हटा दिये जा रहे हैं भले ही अधिकारियों के जाने से सुशासन का दावा करने वाली सरकार की पोल खुलती रहे।
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