वाराणसी

अखिलेश के बाद सीएम योगी ने भी मानी हार, इनकी ताकत के आगे सरकारी मशीनरी भी हुई नतमस्तक

प्रकृति के साथ खिलवाड़ पड़ेगा भारी, बिना अतिक्रमण हटाये ही पूरी होगी योजना
2 min read
Apr 19, 2018
CM Yogi Adityanath and Akhilesh Yadav
CM Yogi Adityanath and Akhilesh Yadav

वाराणसी.अखिलेश यादव के बाद सीएम योगी सरकार ने भी हार मान ली है। वरुणा नदी को बचाने के लिए बन रहे वरुणा कॉरीडोर का काम इस माह में खत्म हो सकता है। कुछ बड़े लोगों के आगे सारी सरकारी मशीनरी भी नतमस्तक हो गयी है, जिसके चलते वरुणा नदी के अस्तित्व पर ही संकट छाने लगा है। सपा व बीजेपी ने कई बार वरुणा किनारे का अतिक्रमण हटाने की बात कही थी लेकिन सारे आश्वासन अब हवा-हवाई साबित हो रहे हैं।
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वरुणा नदी के किनारे पर अवैध ढंग से कब्जा करके बड़े होटल व आवास बना लिए गये हैं। सपा सरकार के तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने सबसे पहले यहां के अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान चलाया था लेकिन बड़े लोगों के विरोध के चलते अभियान को रोक देना पड़ा था इसके बाद यूपी चुनाव शुरू हो गया था और बीजेपी ने भू-माफिया व अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का नारा भी दिया था जिससे लोगों को उम्मीद बंधी थी कि बीजेपी के चुनाव जितने के बाद वरुणा नदी के किनारे का अतिक्रमण हटा कर नदी का नया जीवन मिल सकता है लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ की साल भर पुरानी सरकार ने लोगों की इस उम्मीद को तोड़ दिया है।
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अप्रैल तक काम खत्म करने की तैयारी
वरुणा कॉरीडोर का काम अप्रैल तक खत्म करने की तैयारी की गयी है। वरुणा नदी के सात किलोमीटर में वरुणा कॉरीडोर बनाया जा रहा है। नदी में नालों को गिरने से रोकने के लिए वहां पर सीवर बिछाने के साथ नदी के किनारे पर पाथ वे व रेलिंग का निर्माण किया जा रहा है। वरुणा कॉरीडोर में भ्रष्टाचार के बहुत आरोप लगे हैं जिसका अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है इसके बाद भी किसी तरह काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
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जानिए क्यों फेल हुए अखिलेश यादव सीएम योगी आदित्यनाथ
वरुणा नदी के किनारे ग्रीन बेल्ट का निर्माण होना है और वीडीए ने खुद ही वरुणा नदी के किनारे अतिक्रमण करके बनाये गये762 भवनों की पहचान की है। बीजेपी के एक विधायक के विरोध के आगे सपा व भाजपा दोनों ही सरकार हार मान ली है। अवैध निर्माण के चलते नदी की धारा बदलने लगी है। कचहरी स्थित वरुणा पुल से खड़े होकर देखा जा सकता है कि किस तरह वरुणा नदी के रास्ते में होटल व मकान बना कर नदी के अस्तित्व को खत्म करने का प्रयास किया गया है, लेकिन सपा व भाजपा सरकार की सेहत पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है।
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Published on:
19 Apr 2018 01:00 pm
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