सर्किट हाउस में हुई हंगामेदार बैठक, आत्महत्या के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को किया जाये गिरफ्तार
वाराणसी. ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव के पीडब्ल्यूडी कार्यालय में चीफ इंजीनियर कक्ष में गोली मार कर आत्महत्या करने का प्रकरण को लेकर सभी ठेकेदार गोलबंद हो गये हैं। शासन ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी के सदस्यों ने गुरुवार को सर्किट हाउस में ठेकेदारों के साथ बैठक की। हंगामेदार बैठक में ठेकेदारों ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को जमकर कोसा। कहा कि सबसे पहले मृत ठेकेदार को 50 लाख का मुआवजा दिया जाये। साथ ही आत्महत्या के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को जेल भेजने की भी मांग की।
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बैठक में ठेकेदारों ने बताया कि कमीशनखोरी से वह त्रस्त हो चुके हैं। काम करने से पहले ही इतना कमीशन ले लिया जाता है कि काम करना संभव नहीं होता है। कमीशन देने के बाद भी अधिकारी पैसा देने के लिए प्रताडि़त करते हैं यदि ठेकेदार इंकार करते हैं तो उन्हें ब्लैक लिस्ट व जेल में भेजने की धमकी दी जाती है। एक तरफ शासन कहती है कि काम की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए। जबकि दूसरी तरफ अधिकारी ही इतना बजट ले लेते हैं कि काम की गुणवत्ता पर इसका असर पड़ जाता है। ठेकेदारों ने कहा कि गड़बड़ी मिलने पर हम लोगों पर विधिक कार्रवाई की जाती है। ठेकेदारों ने कहा कि उनके साथी अवधेश श्रीवास्तव के सुसाइड नोट में जिन अधिकारियों को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। जांच कमेटी के सदस्य हम लोगों की मांग सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाये। इससे हम लोगों को न्याय मिल सके। कमेटी ने ठेकेदारों की शिकायत व सुझाव दोनों को नोट किया है। परिकल नियोजन के प्रमुख अभियंता राजन मित्तल ने कहा कि ठेकेदारों की बात सुनी गयी है। समिति का मैं एक मेम्बर है सारे कागजातों की जांच की जा रही है। ठेकेदारों की मांग से समिति के अध्यक्ष को भी अवगत कराया जायेगा। इसके बाद समिति जो निर्णय करती है उससे मीडिया को अवगत कराया जायेगा।
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