Solar eclipse 2018 : सूतक काल में पूजा पाठ और भगवान की मूर्तियों को स्पर्श करना वर्जित है
वाराणसी. 13 जुलाई 2018 को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। यह सूर्य ग्रहण भारत में आंशिक होगा। भारतीय समयानुसार ग्रहण सुबह 7 बजकर 18 मिनट 23 सेकेंड से शुरू होगा, जो कि 8 बजकर 13 मिनट 5 सेकेंड तक रहेगा। ग्रहण का माध्यम काल 8 बजकर 13 मिनट 05 सेकेंड पर होगा और मोक्ष 9 बजकर 43 मिनट 44 सेकेंड पर होगा।
शास्त्रों में सूतक काल के दौरान कोई भी शुभ कार्य करने को मना किया गया है। सूतक काल में पूजा पाठ और भगवान की मूर्तियों को स्पर्श करना वर्जित है।
ग्रहण में इन कार्यों से रहें दूर
1-ग्रहण के दौरान इसके असर से बचने के लिए ग्रहण काल में भगवान शिव के मंत्रों और नामों का जप करना चाहिए।
2-गरीबों को दान और तुलसी का पत्ता खाना चाहिए लेकिन तुलसी के पत्तें को ग्रहण के एक दिन पहले से तोड़कर रख लेना चाहिए।
3-ग्रहण के दौरान खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाल कर रखना चाहिए। तुलसी के पत्ते से खाने की चीजों पर ग्रहण का असर नहीं होता है।
4-ग्रहण में गर्भवती महिला को खास ध्यान रखना चाहिए। ग्रहण में महिलाओं को बाहर नहीं निकालना चाहिए क्योंकि बच्चे पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।
5-ग्रहण में मंत्रों का जाप और ग्रहण के बाद पूरे घर में गंगाजल से छिड़काव करना चाहिए।