Nag Panchami 2018 : 19 साल बाद बन रहा है दुर्लभ संयोग, सावन नागपंचमी पूजा का है अपना ही महत्व
वाराणसी. नागपंचमी हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस साल यह त्योहार 15 अगस्त 2018 को मनाया जाएगा। इस बार पंचमी पर शुभ संयोग बन रहा है। आज के दिन नाग देवता को दूध से स्नान कराने से विशेष लाभ मिलेगा। शास्त्रों के अनुसार नागों को दूध नहीं पिलाना चाहिए। ज्योतिष के अनुसार जिस किसी की कुंडली में कालसर्प दोष होता है नागपंचमी के दिन विशेष पूजा करने से यह दोष दूर हो जाता है। इससे पहले 15 अगस्त 1980 के दिन नागपंचमी का पर्व था। नागपंचमी के ही दिन अनेकों गांव व कस्बों में कुश्ती का आयोजन होता है जिसमें आसपास के पहलवान भाग लेते हैं। गाय, बैल आदि पशुओं को इस दिन नदी, तालाब में ले जाकर नहलाया जाता है। इस दिन अष्टनागों की पूजा की जाती है।
दूध पीने से इसलिए मर जाते हैं सांप
सांप दूध नहीं पीते लेकिन सपेरे सांपों को 3-4 दिन भूखा रख नागपंचमी पर घर-घर लाते हैं। भूख की वजह से सांप दूध पी लेते हैं लेकिन वे दूध पचा नहीं पाते। उनके शरीर में इंफेक्शन हो जाता है। इसके बाद फेफड़े फट जाते हैं और उनकी मौत हो जाती है।
नागपंचमी का शुभ मुहूर्त
इस बार 15 अगस्त के दिन नागपंचमी पर स्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। ज्योतिष में इस योग को बहुत ही शुभ योग माना गया है। नागपंचमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 54 में 8 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
ऐसे दूर करें कालसर्प दोष
अगर किसी की कुंडली में कालसर्प दोष है तो नागपंचमी के दिन पूजा करने से कालसर्प दोष दूर हो जाता है। कालसर्प दोष को दूर करने के लिए यह दिन बहुत विशेष माना जाता है। इस दिन नागों की पूजा और ऊं नम: शिवाय का जप करना फलदायी होता है। इसके अलावा इस दिन पर रुद्राभिषेक करने से भी जातक की कुंडली से कालसर्प दोष दूर हो जाता है।