पूर्वी उत्तर भारत में ठंड तेजी से बढ़ रही है। गलन के साथ ही कड़कड़ाती ठंड की शुरुआत हो चुकी है। बर्फीली हवाओं के बीच धूप की तपिश फीकी पड़ गई है। इस बीच पूर्वांचल क्षेत्र के वाराणसी में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। वाराणसी में लोग अब जगह-जगह पर अलाव तापते नजर आने लगे हैं।
वाराणसी. पूर्वी उत्तर भारत में ठंड तेजी से बढ़ रही है। गलन के साथ ही कड़कड़ाती ठंड की शुरुआत हो चुकी है। बर्फीली हवाओं के बीच धूप की तपिश फीकी पड़ गई है। इस बीच पूर्वांचल क्षेत्र के वाराणसी में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। वाराणसी में लोग अब जगह-जगह पर अलाव तापते नजर आने लगे हैं। वहीं ऐसा लग रहा है कि काशी अब पूरी तरह से विंटर सिटी हो गई है। हालांकि, कोहरे ने अभी तक दस्तक नहीं दी है। लेकिन ठंडी हवा के झोंके से कड़कड़ाती सर्दी की शुरुआत हो चुकी है। बढ़ती ठंड व प्रधानमंत्री मोदी के आगमन को देखते हुए वाराणसी में सरकारी और निजी सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
एयर क्वालिटी इंडेक्स में भी मामूली गिरावट
रात और दिन दोनों पहर में गलन की मात्रा काफी बढ़ गई है। औसत तापमान 9 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। वाराणसी के वातावरण में विजिबिलिटी एक किलोमीटर की रही। इस लिहाज से मौसम बिल्कुल साफ रहा। एयर क्वालिटी इंडेक्स में भी मामूली गिरावट भी दर्ज की गई है। रविवार को एक्यूआई में शनिवार के मुकाबले 9 अंक की मामूली कमी आई है। रविवार का एक्यूआई 136 अंक है, जो कि संतोषजनक से 36 नंबर उपर है। बीते दिनों काशी का अधिकतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री कम 24 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया।
तापमान में होगी और गिरावट
मौसम विज्ञान विभाग के अनुमान के मुताबिक तापमान अब और नीचे जाएगा। न्यूनतम तापमान 8-9 डिग्री सेल्सियस के आसपास तक जा सकता है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि हिमालय के कुछ इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ आ रही है। इससे पहाड़ों के साथ ही मैदानों पर भी असर होगा।