
वाराणसी. चेतगंज थाना क्षेत्र के चौकाघाट फ्लाईओवर पर चाइनीज मांझा की चपेट में आने से इलेक्ट्रीशियन मुन्ना बिलाल (62)की मौत हो गयी है। बाइक से जा रहे इलेक्ट्रीशियन का पूरा गला मांझा से कट गया है। लहुलुहान मुन्ना को लोगों ने शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल में लेकर गये थे जहां चिकित्सकों ने उसे मृृत घोषित कर दिया।
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सिगरा थाना क्षेत्र के क्रिश्चियन कंपाउंड निवासी मुन्ना बिलाल किसी काम से चौकाघाट फ्लाईओवर पर बाइक से जा रहा था इसी बीच चाइनीज मांझा की चपेट में आने से उसकी गर्दन कट गयी। गर्दन पर जख्म इतना गहरा था कि खून की धारा फूट पड़ी। लोगों ने उन्हें तुरंत ही शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल पहुंचाया था लेकिन वहां पर जान नहीं बचायी जा सकी। माना जा रहा है कि मांझा से अधिक गला कट जाने से अत्यधिक रक्साव हुआ और मुन्ना की मौत हा ेगयी।
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प्रतिबंध के बाद भी धड़ल्ले से बिक रहा चायनीज मांझा
प्रतिबंध के बाद भी चाइनीज मांझा धड़ल्ले से बिक रहा है। पुलिस के लिए लोगों की मौत मायने नहीं रखती है। पुलिस आराम से चाइनीज मांझा के नाम पर वसूली करती है और फिर अवैध करोबार को आराम से चलने देती है। यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने चाइनीज मांझा बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है लेकिन बनारस पुलिस कार्रवाई का कोरम भी पूरा नहीं करती है। दालमंडी में ही चाइनीज मांझा का सबसे अधिक कारोबार होता है। मकर संक्राति के समय इस धंधे में कई लोग जुट जाते हैं। पुलिस पर जब अधिक दबाव पड़ता है तो कुछ मांझा की बरामदगी दिखा दी जाती है और फिर आराम से मौत के मांझा का कारोबार चलता रहता है। मुन्ना की मौत ने व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आसमान में जिस तरह से मौत बन कर चाइनीज मांझा लहरा रहा है उसका कोई भी शिकार हो सकता है।
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