बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) कर्चारी वेतनभोगी सहकारी समिति में 77 लाख रुपये के गबन का खुलासा हुआ है। ये खुलासा सहकारिता विभाग की जांच में हुआ है। अब इस मामले में सहायक आयुक्त व सहायक निबंधक ने इस प्रकरण की जांच का निर्देश दिया है। जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय कर्मचारी वेतनभोगी सहकारी समिति में 77 लाख रुपये के घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। ये खुलासा सहकारी समिति की जांच में हुआ है। अब इस प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी में अपर जिला सहकारी अधिकारी सदर सुनील कुमार पांडेय और जिला सहकारी बैंक के डीजीएम आशुतोष त्रिपाठी को शामिल किया गया है।
समिति के अधिकारियों पर मनमाना काम करने का आरोप
सहकारिता विभाग की जांच में बीएचयू कर्मचारी वेतनभोगी सहकारी समिति के अधिकारियों पर मनमाने ढंग से काम करने का भी खुलासा हुआ है। बताया गया है कि विभिन्न मदों में खर्च को लेकर सारे नियमों की अनदेखी की गई। ऋण वितरण में जमकर मनमानी की गई है। इस मामले में सहायक आयुक्त व सहायक निबंधक सहकारिता अजीत कुमार सिंह ने समिति के पूर्व सचिव व पूर्व सभापति को नोटिस भेजा है।
गबन के दोषियों को पैसा लौटाने को हफ्ते भर की मोहलत
गबन के आरोपियों को पूरी रकम लौटाने के लिए दो हफ्ते की मोहलत दी गई है। निर्धारित अवधि में रुपये न लौटाने पर संबंधित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और विधिक कार्रवाई होगी।
बीएचयू के कुलसचिव से जांच में सहयोग की मांग
इस प्रकरण में बीएचयू के कुलसचिव को पत्र भेज कर जांच में सहयोग को कहा गया है। सहायक निबंधक सहकारिता ने हा है कि सहकरी समिति के विरुद्ध विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई होगी। उन्होंने जांच अघिकारियों से एक पखवारे में रिपोर्ट तलब की है।