
वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी की यह योजना बनारस के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। योजना सफल हुई तो बनारस में निवेश के सारे रास्ते खुल जायेंगे। इसके बाद शहर की स्थिति में तेजी से बदलाव होगा। पहले ही विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के आने से यहां पर निवेश होने लगा है, जिसके बढऩे की संभावना है।
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पीएम नरेन्द्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र बनारस में प्रवासी सम्मेलन बुलाने की तैयारी की है। 21 से 23 जनवरी तक होने वाले इस आयोजन में विदेशों से दो हजार लोग आने की संभावना है। पीएम मोदी खुद इस सम्मेलन का विदेशों में आमंत्रण बांट रहे हैं। बनारस दौरे के दौरान पीएम मोदी ने लोगों से कहा था कि प्रवासी सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सभी लोग सहयोग करे। सवाल उठता है कि पीएम मोदी ने प्रवासी सम्मेलन पर इतना जोर क्यों दिया है। इसका सबसे बड़ा कारण निवेश है। दुनिया का प्राचीनतम शहर में विकास के लिए अधिक कार्य नहीं हुए थे। वर्ष 2014से जिले में कई योजना चलायी जा रही है जिसमे से कुछ पूरी हो चुकी है और कुछ इसी साल में पूर्ण होगी। बनारस में आधारभूत सुविधाओं का आभाव है इसके बाद भी विदेशी व देशी पर्यटक यहां पर आते हैं। एक बार प्रवासी सम्मेलन के बहाने शहर की ब्रांडिंग हो जाती है तो निवेश व पर्यटन के द्वार अपने आप खुल जायेंगे।
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फ्रांस व जापान के राष्ट्राध्यक्ष ने जिंदा की उम्मीद
बनारस में जापान के पीएम शिंजो आबे व फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां आ चुके हैं। जर्मनी के राष्ट्रपति ने भी बनारस भ्रमण किया है। पीएम मोदी ने खुद ही सार्वजनिक सभा में कहा था कि बनारस के लिए दस हजार करोड़ से अधिक का निवेश हो चुका है। साफ है कि पीएम मोदी विभिन्न कार्यक्रमों के बहाने अपने संसदीय क्षेत्र की ब्रांडिंग करने में जुटे हुए हैं। पीएम मोदी का प्रवासी सम्मेलन जिले के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। इसके चलते सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर बीजेपी तक तैयारी में जुट गयी है।
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