काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्र के ऊपर की गई फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों के ऊपर 25-25 हजार रुपए का इनाम था। आरोपियों के पास से एक तमंचा भी बरामद हुआ है...
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय के बिरला हॉस्टल के पास छात्र पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस मामले में 25- 25 हजार रुपए के इनामी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आपसी रंजिश की वजह से आरोपियों ने छात्र पर चार राउंड फायरिंग की थी, जिसके बाद कैंपस का माहौल तनावपूर्ण हो गया था।
पुलिस ने इस मामले में पीयूष तिवारी, ऋषभ राय और तापस राय को गिरफ्तार किया है, जो बिहार के कैमूर जिले के रहने वाले हैं। पूछताछ में एमए फर्स्ट ईयर में पढ़ने वाले पियूष राय ने पुलिस को बताया कि वह छित्तूपुर इलाके में किराए के मकान में रहता है। घटना के कुछ दिन पूर्व बीए तृतीय वर्ष के छात्र रोशन मिश्रा ने उसके साथ मारपीट की थी, जिसके बाद लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। वहीं, रोशन जब भी कैंपस में मिलता था तो अक्सर उसे चिढ़ाता और उसका मज़ाक उड़ता था, इसी वजह से उसने घटना को अंजाम दिया।
पियूष ने पुलिस को बताया कि इसका बदला लेने के लिए ऋषभ ने हामी भर दी और असलहा की व्यवस्था क्षितिज और अभिषेक उपाध्याय ने की। उसने बताया कि घटना वाले दिन रोशन मिश्रा हॉस्टल के बाहर टहल रहा था, इस दौरान उस पर चार राउंड फायरिंग की और कैंपस से बाहर भाग गए। इस घटना के बाद तीनों ही बिहार चले गए और छुप-छुप कर रह रहे थे। इसके बाद पुलिस ने इन्हें पटना से गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि सर्विलांस टीम की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई। इस दौरान उनके पास से एक 32 बोर का अवैध तमंचा भी बरामद किया गया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया और उसके बाद जेल भेज दिया है। पुलिस ने बताया है कि तीनों ही अपराधिक प्रवृत्ति के लोग हैं और तीनों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
गौरतलब है कि बिरला हॉस्टल के बाहर हुई फायरिंग के बाद कैंपस का माहौल तनावपूर्ण हो गया था। इस दौरान छात्रों की पुलिस और प्रोकटोरियल विभाग से झड़प भी हुई थी और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर छात्र धरने पर बैठ गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के ऊपर इनाम रखा था।