
Flood News Varanasi: वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद काशी वासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, गंगा नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है। शुक्रवार की सुबह 8 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। वर्तमान समय में गंगा नदी का जलस्तर 70.64 मीटर दर्ज किया गया है। हालांकि, नदी का जलस्तर अभी भी चेतावनी बिंदु से काफी ऊपर है, लेकिन घट रहे जलस्तर ने फिलहाल लोगों को राहत दी है।
वाराणसी में बाढ़ पीड़ित लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। पिछले दो दिनों से काशी में बारिश नहीं हुई है, इसके बाद गंगा नदी का जलस्तर घटने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, काशी में गंगा नदी अभी भी चेतावनी बिंदु से ऊपर है, लेकिन बारिश नहीं होने के कारण अब जलस्तर में कमी दर्ज की जा रही है। वहीं, बाढ़ राहत शिविरों में जिला प्रशासन लगातार पीड़ितों के बीच फल और दूध का वितरण कर रहा है। इसके साथ ही एनडीआरएफ और जल पुलिस की टुकड़ी बाढ़ से ग्रसित इलाकों में पेट्रोलिंग कर रही है और लोगों को वहां से निकलने का काम किया जा रहा है।
बता दें कि गुरुवार की रात 8 बजे से गंगा नदी का जलस्तर आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। वहीं शुक्रवार की सुबह 6 बजे नदी का जलस्तर स्थिर हो गया और सुबह 8 बजे के बाद नदी के जलस्तर में 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गिरावट दर्ज की गई। अधिकारियों ने बताया कि अपस्ट्रीम के फाफामऊ, प्रयागराज और मिर्जापुर में गंगा का वेग काम हुआ है। इसके बाद शुक्रवार से गंगा नदी का जलस्तर कम हुआ है। मौसम विभाग की माने तो वाराणसी और आसपास के जिलों में अगले दो दिनों तक हल्की बारिश की संभावना है।
वहीं, गुरुवार को वाराणसी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और मेयर अशोक तिवारी से फोन पर वार्ता कर वाराणसी में बाढ़ की स्थिति का हाल जाना था। इसके बाद जिला प्रशासन की टीमें बाढ़ से ग्रसित इलाकों का दौरा करने पहुंची। जिलाधिकारी ने बताया है कि अब तक 3361 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर बने 19 राहत कैंप में 481 परिवारों के 2265 सदस्य ठहरे हुए हैं। गुरुवार को भी 330 परिवार राहत शिविरों में पहुंच गए हैं।