श्री काशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। यहां मंदिर प्रांगण में जर्मन हैंगर लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को धूप और गर्मी से बचाया जा सके...
वाराणसी: बढ़ रही गर्मी को लेकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ने वहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की है। श्रद्धालुओं को धूप और गर्मी से बचने के लिए मंदिर परिसर में जर्मन हैंगर लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालु सुगमता से बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर पाएंगे। मंदिर में भीड़ उमड़ने के बाद लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं और कॉरिडोर में लगे पत्थरों से निकलने वाली तपिश से श्रद्धालुओं को बचाने को लेकर मंदिर प्रशासन ने यह फैसला लिया है।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने यहां आने वाले श्रद्धालुओं को धूप और गर्मी से बचने के लिए जर्मन हैंगर लगवाए हैं, जिसकी छांव में खड़े होकर श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए सुगमता से जाएंगे। दरअसल, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर पत्थरों से बनाया गया है और सूर्य की किरणें पत्थरों पर पड़ने के बाद पत्थरों से तपिश ज्यादा निकलती है और श्रद्धालुओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी को लेकर मंदिर प्रशासन ने यह फैसला लिया है।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि प्रतिदिन यहां हजारों और लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में लंबी-लंबी कतार लगती हैं और गर्मी का मौसम होने के कारण सूर्य की सीधी किरणें श्रद्धालुओं को विचलित करती हैं। कई बार श्रद्धालु बेहोश होकर गिर पड़ते हैं। इसी के मद्देनजर मंदिर में जर्मन हैंगर लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को धूप न लगे और उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी और भी व्यवस्थाएं की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के होने के बाद श्रद्धालु बिना कष्ट के बाबा के दर्शन कर पाएंगे। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के साथ छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए आते हैं और इस मौसम में सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों और बुजुर्गों को ही होती है। जर्मन हैंगर की व्यवस्था होने के कारण अब आसानी से छांव में होते हुए सभी श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के सामने मत्था टेक पाएंगे।