एलआईयू तक को जानकारी नहीं मिल सकी थी की छात्र विरोध की तैयारी कर रहे हैं
वाराणसी. केन्द्र मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक गुरूवार को वाराणसी के बीएचयू में थे। आइआइटी-बीएचयू में उन्होने ब्वायज हास्टल, शिक्षक आवास व लेक्चर कांप्लेक्स की आधारशिला रखी साथ ही उन्होने इस दौरान विवि के कई बड़े अधिकारियों से मुलाकात किया। लेकिन हैरानी इस बात की रही कि पोखरियाल की सुरक्षा में भारी चूक नजर आई।
बीएचयू गेट पर छात्रों ने मंत्री के सामने ही कुलपति के विरोध में जमकर नारेबाजी किया, पर इस समय मंत्री के सुरक्षा के लिए कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। एलआईयू तक को जानकारी नहीं मिल सकी थी की छात्र विरोध की तैयारी कर रहे हैं।
बतादें कि गुरूवार को मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक जैसे ही बीएचयू गेट से कार्यक्रम स्थल की तरफ बढ़ तो भारी संख्या में छात्रों का हुजूम मंत्री के सामने पहुंच गया। कुलपति को हटाने की मांग कर मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे।
किस बात से नाराज हैं छात्र
बीएचयू में तीन जनवरी को साक्षात्कार को साक्षात्कार के दौरान हिंदी भाषी प्रतिभागियों ने भेदभाव का आरोप लगाया था। इनका कहना था कि कुलपति ने हिंदी भाषी अभ्यर्थियों को अधिकतम तीन से चार मिनट में साक्षात्कार कक्ष से बाहर निकाल दिया। ऐसा करके कुलपति ने हिंदी भाषा का अपमान किया है। इससे पहले कुलपति के विरोध में पोस्टर चस्पा कर इस पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। इसमें कुलपति से राजभाषा के सम्मान की अपील की गई थी। अब इसी को लेकर मंत्री का भी विरोध किय़ा गया।