इस बार 1 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा
वाराणसी. होली हिंदुओं के फेमस त्योहारों में से एक है। हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होली के एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है जिसे छोटी होली भी कहते है। इस बार 1 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा। फिर अगले दिन यानि 2 मार्च को रंगों से होली खेली जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं कब और किस तरह से करना चाहिए होलिका दहन।
शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन पूर्णिमा में प्रदोष काल के दौरान अच्छा माना जाता है। भद्रा मुख को त्याग कर रात्रि में होलिका दहन करना चाहिए। होलिका दहन के समय भद्रा काल नहीं होना चाहिए साथ ही पूर्णिमा प्रदोषकाल और व्यापिनी होनी चाहिए यानि उस दिन सूर्यस्त के बाद तीन मुहूर्तों में पूर्णिमा तिथि होनी चाहिए।
शुभ मुहुर्त
इस बार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 26 मिनट से लेकर 8 बजकर 55 मिनट तक रहेगा।