
वाराणसी. फूड पॉइजनिंग का इलाज करने के बाद विदेशी महिला को 50 हजार का बिल थमा दिया है। विदेशी नागरिकों का आरोप है कि जब इतने पैसे देने से इंकार कर दिया तो अस्पताल के कुछ लोगों ने उनके साथ हाथापाई की है। बाद में एक व्यक्ति की मदद से विदेशी नागरिकों ने भेलूपुर थाने में जाकर पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। सीओ भेलूपुर ने अस्पताल पर मुकदमा दर्ज करने की पुष्टि की है।
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कनाडा की मेडिसन व एंड्रयू पिछले चार माह से भारत के भ्रमण पर आये हैं। एक सप्ताह पहले ही वह बनारस पहुंचे हैं। दिल्ली से वाराणसी आते समय पेट दर्द की शिकायत हुई थी लेकिन बनारस पहुंचने पर आराम मिल गया था बाद में फिर से पेट में दर्द की समस्या हुई तो इंटरनेट से सर्च करके पॉपुलर अस्पताल पहुंची। विदेशी नागरिकों का आरोप है कि उसे बताया गया था कि फूड पॉइजनिंग है और जल्द ही आारम हो जायेगा। विदेशी नागरिकों का आरोप है कि अस्पताल के लोगों ने उससे दस हजार रुपये खर्च होने की बात बतायी थी। इस पर महिला ने कहा था कि यदि दस हजार तक बिल है तो वह कैश दे देंगी। आरोप है कि दो दिन बाद जब वह ठीक हुई तो वहां निकलने से पहले ही उन्हें 50 हजार का बिल पकड़ा दिया गया। जबकि वह दस हजार रुपये पहले ही दे चुकी है। आरोप है कि जब बिना बिल दिये ही दोनों जाने लगे तो अस्पताल के लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। इसी बीच वहां से गुजर रहे मरीन इंजीनियर धीरज ने यह सब देखा तो विदेशियों से जाकर सारी बात पूछी। इसके बाद भेलूपुर पुलिस को फोन करके दोनों विदेशी नागरिकों को थाने ले गये। फूड पॉइजनिंग के इलाज में इतना अधिक बिल आना किसी गड़बड़ी की तरफ संकेत करता है। विदेशी नागरिकों का मामला होने के चलते पुलिस भी तुरंत हरकत में आयी और मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। इस प्रकरण को लेकर अस्पताल प्रशासन का पक्ष अभी नहीं मिल पाया है।
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