वाराणसी के पिंडरा विकास खंड के लल्लापुर गांव में एक बेहद भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां 80 साल के विशुन उर्फ सिपाही ने अपनी 77 वर्षीय पत्नी दूइजा देवी के निधन की खबर सुनते ही सदमे में दम तोड़ दिया।
वाराणसी के पिंडरा विकास खंड के लल्लापुर गांव में एक बेहद भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां 80 साल के विशुन उर्फ सिपाही ने अपनी 77 वर्षीय पत्नी दूइजा देवी के निधन की खबर सुनते ही सदमे में दम तोड़ दिया। पति-पत्नी के बीच इतना गहरा प्रेम था कि पत्नी की मौत के सिर्फ आधे घंटे के भीतर पति ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।
विशुन उर्फ सिपाही और उनकी पत्नी दूइजा देवी जीवन भर एक-दूसरे का साथ निभाते रहे। वे हर सुख-दुख में साथ खड़े रहते थे। चाहे घर का काम हो या खेतों में मेहनत, दोनों हमेशा साथ दिखते थे। गांव के लोगों के अनुसार, उनके बीच कभी किसी तरह का झगड़ा नहीं हुआ। दोनों एक-दूसरे के लिए समर्पित थे।
शनिवार सुबह करीब पांच बजे दूइजा देवी का निधन हो गया। जब बड़े बेटे ने यह दुखद खबर विशुन उर्फ सिपाही को दी, तो वे इसे सहन नहीं कर पाए। खबर सुनते ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और कुछ ही देर में उन्होंने भी अंतिम सांस ले ली। इस तरह पति-पत्नी ने एक साथ इस दुनिया को छोड़ दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। आसपास के गांवों से भी लोग इस बुजुर्ग दंपती को श्रद्धांजलि देने पहुंचने लगे। गांव के लोग उनके प्रेम और साथ को मिसाल बता रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि विशुन और दूइजा का जीवन सच्चे प्रेम, आपसी समझ और समर्पण की मिसाल था। उनका एक साथ जाना सभी के दिलों को छू गया है। यह घटना पूरे गांव के लिए बेहद दुखद है, लेकिन साथ ही यह सिखाती है कि जीवन में प्रेम और साथ कितने अहम होते हैं।