1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘अविमुक्तेश्वरानंद पार्टी जॉइन कर राजनीति करें’, शंकराचार्य पर ओम प्रकाश राजभर का विस्फोटक बयान

OM Prakash Rajbhar On Avimukteshwaranand: ओम प्रकाश राजभर ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद पार्टी जॉइन कर राजनीति करें।

2 min read
Google source verification
om prakash rajbhar big statement on shankaracharya avimukteshwaranand varanasi news

शंकराचार्य पर ओम प्रकाश राजभर का विस्फोटक बयान। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

OM Prakash Rajbhar On Avimukteshwaranand: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को खुलकर राजनीति में आने की सलाह दी है। शनिवार को अलीगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए राजभर ने कहा कि अगर किसी को राजनीति करनी है, तो उसे खुलकर मैदान में उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक दल को जॉइन कर पार्टी का झंडा लेकर जनता के बीच जाना चाहिए। राजभर ने यह भी टिप्पणी की कि महात्माओं को इस तरह की राजनीति शोभा नहीं देती।

UP News in Hindi: राजभर की अविमुक्तेश्वरानंद को खरी-खरी

ओपी राजभर ने कहा, '' साधु-संतों की भूमिका समाज में भाईचारा और सद्भाव बढ़ाने की होती है, ना कि राजनीतिक दलों की तरह पार्टीबंदी करने की। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों एक धर्मगुरु से ज्यादा विपक्ष की भूमिका में नजर आ रहे हैं। साधु-संतों का मुख्य कार्य समाज में अमन-चैन बनाए रखना और लोगों को अपने धर्म की सही शिक्षा देना होता है।"

Uttar Pradesh News In Hindi: CM और PM के खिलाफ बयान देना उचित नहीं

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, जिस तरह शंकराचार्य CM और PM के खिलाफ बयान दे रहे हैं, वह उचित नहीं है। उनके मुताबिक, इस तरह के बयान ना तो समाज के हित में हैं और ना ही साधु-संतों की गरिमा के अनुरूप माने जा सकते हैं।

Varanasi News in Hindi: क्या बोले अनूप जलोटा

इस पूरे विवाद पर प्रसिद्ध गायक अनूप जलोटा की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि संतों और महात्माओं को सार्वजनिक मंच पर बोलते समय सोच-समझकर और मर्यादा में रहकर अपनी बात रखनी चाहिए।

Varanasi: काशी स्थित अपने मठ में ही मौजूद हैं अविमुक्तेश्वरानंद

इधर, माघी पूर्णिमा के अवसर पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का प्रयागराज ना जाना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि इस बार वह प्रयागराज की बजाय काशी स्थित अपने मठ में ही मौजूद हैं।

क्या था मामला?

बता दें कि 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन स्नान के लिए जा रही शंकराचार्य की पालकी को पुलिस ने रोक दिया था। इस दौरान शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई थी। इस घटना से नाराज होकर शंकराचार्य ने माघ मेला क्षेत्र में उसी स्थान पर धरना शुरू कर दिया था, जहां पुलिस उन्हें छोड़कर गई थी। वह अपनी मांगों को लेकर करीब 11 दिनों तक धरने पर बैठे रहे। बाद में 28 जनवरी की दोपहर वह माघ मेला क्षेत्र छोड़कर काशी के लिए रवाना हो गए थे। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है और संतों की भूमिका को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

Story Loader