
वाराणसी. आईआईटी बीएचयू के स्टार्टअप "यंग स्किल्ड इंडिया" ने संस्थान के नए निदेशक के सपनों को साकार करने का बीड़ा उठा लिया है। बता दें कि संस्थान का स्टार्ट अप यंग स्किल्ड इंडिया पहले से ही युवा बेरोजगारों को भांति-भांति के कौशल सिखा रहा है ताकि न कोई बेरोजगार रहे। इतना ही नहीं संस्थान उन कंपनियों, स्कूल-कॉलेजों, यूनिवर्सिटीज के लिए स्किल्ड लोगों की फौज तैयार करने में जुटा है जिन्हें अब तक ऐसे युवाओं की तलाश थी। स्टार्ट अप के माध्यम से लगातार ऐसे युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है जो अब तक केवल डिग्री के भरोसे थे। उन कंपनियों और स्कूल-कॉलेजों को ऐसे लोग मिल रहे है जिसके लिए वो मोहताज थे। इसी कड़ी में संस्थान ने शहर के कई स्कूलों में कैंप किया। टीनएजर्स को कौशल के गुर सिखाए। अब आईआईएम कोलकाता के बच्चे यहां ट्रेनिंग लेने आ रहे हैं।
आईआईटी बीएचयू के स्टार्टअप "यंग स्किल्ड इंडिया " के सीईओ नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि देश की टॉप के आईआईएम कोलकाता के छात्र आईआईटी बीएचयू के स्टार्टअप "यंग स्किल्ड इंडिया "में इंटर्नशिप करेंगे। उन्होंने बताया कि आईआईएम कोलकाता के बिस्वजीत , अर्पन, रुपेश और काव्या ने बहु राष्ट्रीय कंपनी के बजाय इनोवेटिव स्टार्ट अप को चुना है ताकि वो पढाई के साथ समाज की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी को कम करने में आपने योगदान कर सकें।
मैनेजमेंट के छात्र लाइव प्रोजेक्ट पर काम करना चाहते हैं ताकि उनकी समझ स्टार्ट अप के बारे में और प्रगाढ़ हो सके। सबसे बड़ी बात है कि ये छात्र बेरोजगारी को दूर करने के लिए कैसे हर स्टूडेंट को प्रोफेशनल ट्रेनिंग व डिजिटल प्रोफाइलिंग से जोड़ा जाये ताकि ये कंपनी में काम करने के लायक स्किल्स सीख सकें।
छात्रों का यह ग्रुप इस सब्जेक्ट पर भी काम करेगा कि कैसे इन्वेस्टर " यंग स्किल्ड इंडिया " के बेरोजगारी दूर करने के मॉडल को पूरे भारत में लागू करवाने में मदद कर सकते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को इसका फायदा मिल सके और 2020 तक कम से कम एक लाख युवाओं को रोजगार के लायक बनाया जा सके।
उन्होने बताया कि वाराणसी के जो छात्र आपने कॉलेज में एम्प्लॉयबिलिटी को बढ़ावा देना कहते है वो हेल्पलाइन नंबर8009321506 पर भी जानकारी लेकर यंग स्किल्ड इंडिया से जुड़ सकते हैं।