वाराणसी

स्मार्ट सिटी बनने की ओर काशी, आइपी कैमरे से होगी ट्रैफिक की निगरानी

चौकाघाट चौराहे पर लगे 4जी स्पीड के राउटर से लैस अत्याधुनिक कैमरे, 70-70 मीटर दूरी तक की निगरानी करने में सक्षम
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Updated: 22 Jan 2018, 11:16 PM IST
varanasi
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देवेश सिंह की रिपोर्ट
वाराणसी. वाराणसी ने स्मार्ट सिटी बनने की ओर पहला कदम बढ़ा दिया है। जाम के झाम से जूझते रहने वाली काशी में यातायात की निगरानी अब अत्याधुनिक इण्टरनेट प्रोटोकॉल कैमरे से होगी। शहर के व्यस्ततम चौकाघाट चौराहे पर सोमवार को पहले चरण में चार कैमरे लगा दिए गए। 4जी स्पीड के राउटर से लैस अत्याधुनिक आइपी कैमरे 70-70 मीटर दूरी तक की निगरानी करने में सक्षम हैं। उक्त कैमरों की फीड अधिकतम 10 पर्यवेक्षण अधिकारियों के मोबाइल में भी लाइव देखी जा सकती है। ये कैमरे नाइट विजन डिवाइस से युक्त है, जो रात्रि में भी सतत कवरेज करने में सक्षम हैं।


अपराध पर भी लगेगी लगाम
इससे जाम के साथ ही ओवरलोड, दोपहिया वाहनों पर तीन सवारी पर आला अधिकारियों की नजर होगी ही, अपराधी एवं आपराधिक गतिविधियों पर भी लगाम लग सकेगी। आला अधिकारी भी अब जाम अथवा ओवरलोडिंंग के मामलों से अनभिज्ञता जाहिर नहीं कर पाएंगे।


सुरक्षित रहेगी 15 दिन की रिकॉर्डिंग
इन कैमरों की रिकॉर्डिंग 15 दिन तक सुरक्षित रहेगी। जिसे मोबाइल फोन पर भी देखा जा सकता है। यातायात पुलिस अधीक्षक सुरेश चन्द्र रावत ने पत्रिका से बात करते हुए कहा कि उक्त कैमरा वाराणसी यातायात पुलिस को वलय सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड ने निःशुल्क प्रदान किया है। उन्होंने बताया कि चौराहे के चारों मार्गों की निगरानी को लगाए गए चारों कैमरों को इण्टरनेट से जोड़कर ऑन एयर कर दिया गया है। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि उक्त कैमरों के लगाये जाने की लागत लगभग 50 हजार रूपये है। उन्होंने कहा कि शहर के 10 अन्य व्यस्ततम चैराहों पर भी इसी तरह के 4जी राउटर कैमरे लगाए जाने की योजना है, जिससे यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी। उक्त कैमरों को ऑन एयर किए जाने के अवसर पर क्षेत्राधिकारी यातायात अर्जुन सिंह, वलय सॉल्यूशन प्राइवेअ लिमिटेड के प्रोपराइटर विजय सिंह व उनकी टीम के सदस्य अरविन्द पाण्डेय व टेक्निकल एक्सपर्ट मिथिलेश सिंह आदि उपस्थित थे।

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