
UP Election 2027: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी अब यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में लगी है। नीतीश कुमार के बेटे और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने अपनी दो दिवसीय वाराणसी यात्रा के दौरान बड़े संकेत दिए हैं। सर्किट हाउस में निशांत ने पार्टी के नेताओं के साथ बैठक कर प्रत्येक बूथ को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, उन्होंने कहा है कि पार्टी अब बिहार में मिली सफलता को यूपी में दोहराने जा रही है। बताया जा रहा है कि जेडीयू 25 अक्टूबर को वाराणसी में एक जनसभा करने जा रही है। इसी जनसभा से पार्टी यूपी चुनाव का बिगुल भी फूंकेगी।
वाराणसी पहुंचे निशांत कुमार ने पत्रकारों के साथ की गई बातचीत के दौरान कहा है कि जेडीयू एनडीए परिवार का एक अहम हिस्सा है और इस बार उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में जेडीयू पूरे दमखम के साथ उतरने की तैयारी में है। हालांकि, जेडीयू कितने सीटों पर चुनाव लड़ेगी इसको लेकर उन्होंने स्थिति स्पष्ट नहीं की। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, पूर्वांचल की लगभग 60 सीटों पर जेडीयू प्रत्याशी उतारने की तैयारी में जुटी हुई है। निशांत ने कहा है कि एनडीए के दलों के साथ बैठक के बाद सीट शेयरिंग पर चर्चा की जाएगी और उसे सार्वजनिक किया जाएगा।
निशांत कुमार अपने दो दिवसीय दौरे पर रविवार की शाम वाराणसी पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि वह आध्यात्मिक दौरे पर वाराणसी आए हुए हैं, लेकिन सर्किट हाउस में पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने इसे राजनीतिक दौरा भी साबित कर दिया है। पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, 25 अक्टूबर को वाराणसी के करौता बाजार में जेडीयू एक बड़ी जनसभा करने जा रही है और इसी जनसभा से जेडीयू की एंट्री यूपी चुनाव में हो जाएगी। सर्किट हाउस में हुई बैठक में महासचिव अवधेश सिंह और सचिव संतोष पटेल भी मौजूद थे।
महासचिव अवधेश सिंह ने बताया है कि 25 अक्टूबर को होने वाली जनसभा में बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा सहित अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस दौरान बस पर सवार होकर पार्टी के नेता जनसभा मैदान पहुंचेंगे, जिसका नाम 'निश्चय रथ' रखा गया है। उन्होंने बताया कि बस पर एक तस्वीर भी लगी होगी, जिस पर 'रोजगार मतलब नीतीश कुमार' का नारा लिखा होगा। दरअसल जेडीयू यूपी विधानसभा चुनाव में कुर्मी और कोईरी का जातीय समीकरण साधने की तैयारी में जुटी हुई है। यूपी में यादव मतदाताओं की संख्या 8 से 10 प्रतिशत के बीच है। इसके बाद पटेल मतदाताओं की संख्या 6 से 8 प्रतिशत के बीच है। मौर्य, कुशवाहा और शाक्य मतदाताओं को जोड़ ले तो यह संख्या करीब 14 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। इसी वजह से जेडीयू अब यूपी चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही है।