वाराणसी

विश्वविद्यालय व छात्र राजनीति में इंट्री के नाम पर थमाया असलहा, डबल मर्डर कर मचायी सनसनी

पुलिस एनकाउंटर में लगी गोली तो याद अपना अपना गुनाह, पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बना अपराध का नया ट्रेंड
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Updated: 16 Nov 2018, 5:47 PM IST
Shooter
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वाराणसी. विश्वविद्यालय में प्रवेश व छात्र राजनीति में इंट्री के नाम पर थमाया असलहा तो अपने तरह का पहला डबल मर्डर करके शूटर बन गये। पुलिस एनकाउंटर में लगी गोली तो याद आने लगा अपना पाप। यही फिल्मी कहानी नहीं है बल्कि लोकतंत्र की नर्सरी के नाम पर पनपने की मनमानी छूट पाये छात्र राजनीति का नया चेहरा है। जरायम दुनिया के नये ट्रेंड ने पुलिस प्रशासन को परेशान कर दिया है। जेएचवी मॉल मर्डर केस ने अपराधी बनाने के उस नये तरीके का खुलासा किया है जो आने वाले समय में समाज के लिए घातक साबित हो सकता है।
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IMAGE CREDIT: Patrika

जेएचवी मॉल डबल मर्डर का मुख्य आरोप आलोक उपाध्याय की गर्लफ्रेंड ने उसे ऐसा उकसाया कि वह जेल के अंदर ही पहुंच गया। आलोक ने अपने दो साथी कुंदन व ऋषभ के साथ मिल कर देश में पहली बार किसी मॉल के अंदर जाकर ताबड़तोड़ गोली चला कर दो लोगों की हत्या कर दी थी। गोली चलाने का आरोप कुंदन व ऋषभ पर लगा है। हत्या की गुंज जब यूपी की सियासत में सुनायी दी तो पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने खुलासे की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच को सौंप दी। क्राइम ब्रांच व पुलिस की टीम ने रात-दिन एक करके मुख्य आरोपी आलोक उपाधयाय को गिरफ्तार किया था इसके बाद बिहार के 50 हजार के इनामी अपराधी हीरो को जब भोजपुर पुलिस न एनकाउंटर में मार गिराया तो उसके साथ कुंदन पकड़ाया। इसके बाद बीती रात डबल मर्डर एक और शूटर ऋषभ व क्राइम ब्रांच के बीच मुठभेड़ हो गयी। क्राइम ब्रांच का सिपाही को गोली लगी लेकिन बदमाश को भागने नहीं दिया गया। क्राइम ब्रांच की गोली लगने से घायल 50 हजार क इनामी बदमाश ऋषभ पकड़ा गया। जेएचवी डबल मर्डर से जुड़े सारे मुख्य आरोपी अब जेल पहुंच गये हैं। अब बड़ा सवाल है कि यह तीनों युवक जरायम की दुनिया तक कैसे पहुंचे।
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काशी विद्यापीठ की छात्र राजनीति ने बना दिया अपराधी
काशी विद्यापीठ की छात्र राजनीति ने आलोक उपाध्याय व उसके दो दोस्तों को अपराधी बना दिया। काशी विद्यापीठ के आईआरपीएम का छात्र आलोक उपाध्याय के साथ ही कुंदन व ऋषभ रहते थे। कुदन व ऋषभ अभी तक विश्वविद्यालय के छात्र तक नहीं बने थे लेकिन छात्रनेताओं के सम्पर्क में आये आलोक के साथ रहते हुए शूटर बन गये। जेएचवी मॉल में डबल मर्डर में गोली चलाने का आरोप ऋषभ व कुंदन पर ही है लेकिन जिस तरह से छात्रनेताओं ने चुनावी लाभ के लिए दो शूटर तैयार कर दिये हैं वह आने वाले समय के लिए खतरनाक संकेत हैं।
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वीसी करते रहे शिकायत, पुलिस देती रही आपराधिक किस्म के छात्रनेताओं को संरक्षण
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के वीसी प्रो.टीएन सिंह ने पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी से स्थानीय पुलिस की शिकायत की थी जिसमे कहा था कि जन छात्रनेताओं पर मुकदमे दर्ज हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जगह स्थानीय पुलिस संरक्षण देने में जुटी है। वीसी का अंदेशा सच साबित हुआ और पिस्टल के साथ पकड़ाये आलोक को छोड़ कर पुलिस ने डबल मर्डर की पटकथा तैयार कर दी।
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एसएसपी ने क्राइम ब्रांच प्रभारी को 50 हजार का इनाम
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने शूट आउट के बाद फरार तीनों अरोपियों पर 50 हजार का इनाम रखा था। 15 नवम्बर को एनकांउटर के बाद कुंदन को पकडऩे वाले क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, एसओ लोहता राकेश सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी को एसएसपी ने 50 हजार का इनाम दिया है। पुलिस के लिए यह मामला अब ठंडे बस्ते में चला गया है लेकिन बड़ा सवाल है कि घटना के लिए जिम्मेदारी आलोक की गर्लफ्रेंड व संरक्षण देकर छात्रों को शूटर बनाने वाले छात्रनेताओं पर कब कार्रवाई होगी।
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