बाबा विश्वनाथ की नगरी में मंगलवार को पुत्र की दीर्घायु और मंगल कामना के लिए माताओं ने निराजल और निराआहार रहकर जीवित्पुत्रिका का कठिन व्रत रखा।
वाराणसी. बाबा विश्वनाथ की नगरी में मंगलवार को पुत्र की दीर्घायु और मंगल कामना के लिए माताओं ने निराजल और निराआहार रहकर जीवित्पुत्रिका का कठिन व्रत रखा। पूरे दिन निर्जला रह माताओं ने गंगा घाटों और सरोवर कुण्ड पर गाजे-बाजे के साथ पूजन सामग्रियों को लेकर विभिन्न समूहों में पहुंची।
गंगा घाटों व सरोवर कुण्डों पर विधि विधान से भगवान जीमूतवाहन की कथा का श्रवण कर पूजा की थाली या पात्र में रखे सोने या चांदी के जिउतिया को महिलाओं ने धारण किया। इस दौरान जिन महिलाओं के जितने पुत्र रहे उन्होंने उतनी संख्या में जिउतिया को धारण किया। व्रती महिलाओं ने प्रसाद रूपी धागे का बना हुआ जिउतिया अपने-अपने बच्चों के गले में पहनाया और उन्हें तिलक लगाया। इस पर्व पर ईश्वरगंगी तालाब, लक्ष्मी कुंड, डीरेका सूर्य सरोवर पर व्रती महिलाओं की भारी भीड़ पूजन-अर्चन के लिए जुटी रही।