
वाराणसी. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में बुधवार को छात्रसंघ चुनाव को लेकर दोपहर तक गहमागहमी रही। चुनाव प्रचार के दौरान छात्रों के दो गुटों में भिड़ंत हो गयी। मौके पर तैनात प्राक्टोरियल बोर्ड व पुलिस ने छात्रों को खदेड़ कर परिसर को खाली कराया। शाम को चार बजे चुनाव प्रचार थम गया है। प्रत्याशी व समर्थक अब मतदाताओं के घर जाकर चुनाव प्रचार करने में जुटे हैं। परिसर में छात्रसंघ चुनाव के लिए तीन नवम्बर को मतदान होना है।
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन प्रत्याशियों व उनके समर्थकों ने अपनी सारी ताकत लगा दी। प्रत्याशी के पक्ष में समर्थक जमकर नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान विभिन्न गुट एक-दूसरे के आमने-सामने आ जाते थे तो माहौल तनावपूर्ण हो जाता था। पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर जाकर सभी गुटों को अलग-अगल कर देता था। इसी क्रम में चुनाव प्रचार को लेकर दो गुटे आमने-सामने आ गये थे और किसी छात्र ने कुल्हड फेंका जो दूसरे गुट के नेता को लग गया। इसके बाद दोनों गुट आपस में भिड़ गये। माहौल बहुत खराब हो सकता था लेकिन पुलिस ने स्थति संभालते हुए दोनों गुटों को अलग करने के साथ छात्रों को परिसर से खदेड़ दिया। इसके बाद परिसर की स्थिति शांत हो गयी और बचे हुए प्रत्याशी चुनाव प्रचार करते रहे।
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चीफ प्राक्टर ने प्रत्याशियों को फिर पढ़ाया नियम का पाठ
चीफ प्राक्टर प्रो.शम्भू उपाध्याय ने प्रत्याशियों को फिर से नियम का पाठ पढ़ाया है। मतदान व मतगणना के दिन प्रत्याशी व समर्थक कैसे कार्य करेंगे। इसकी जानकारी दी गयी है। चीफ प्राक्टर ने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी नियम का उल्लंघन करता मिलेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।
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विद्यापीठ में चुनावी रंजिश बन सकती है बवाल की वजह
काशी विद्यापीठ में गुटबाजी के चलते छात्रनेताओं में चुनावी रंजिश हो गयी है जो बवाल का सबब बन सकती है। चुनाव प्रचार को लेकर भी जमकर गुटबाजी हो रही है, जिसके चलते कभी दोस्त रहे समर्थक भी एक-दूसरे के दुश्मन बन जा रहे हैं। परिसर में चुनाव प्रचार थम गया है और अब सबकी निगाहे मतदान पर टिकी है, लेकिन इतना साफ है कि यदि पुलिस प्रशासन ने नामांकन की तरह मतदान के दिन भी सख्ती नहीं दिखायी तो हंगामा हो सकता है।
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