वाराणसी

काशी विद्यापीठ में समायोजन की मांग को लेकर कर्मचारियों का धरना

कार्य बहिष्कार करके वीसी कार्यालय के बाहर शुरु किया आंदोलन, जानिए क्या है कहानी
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Updated: 17 Nov 2017, 3:02 PM IST
Kashi Vidyapith
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वाराणसी. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में कर्मचारियों ने समायोजन की मांग को ेलेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। शुक्रवार को कर्मचारियों ने वीसी डा.पी नाग के कार्यालय के बाहर धरना दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि शासन ने कर्मचारियों को समायोजन करने का आदेश जारी कर दिया है, लेकिन कुलसचिव इस आदेश की गलत व्याख्या करके कर्मचारियों का समायोजन रोकने का काम कर रहे हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनका समायोजन नहीं होता है तो वह आंदोलन तेज कर देंगे।
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कर्मचारियों का आरोप है कि समायोजन की लंबी लड़ाई लडऩे के बाद राजभवन व शासन ने समायोजन का आदेश जारी किया है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की मंशा समायोजन करने की नहीं है इसलिए शासनादेश की गलत व्याख्या करके कर्मचारियों का समायोजन रोका जा रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि शासनादेश आने के बाद भी उनका समायोजन नहीं होता है तो वह आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होंगे। कर्मचारियों के आंदोलन के चलते बहुत से विभागों व कार्यालय का कामकाज प्रभावित हो गया है।
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लंबे समय से लटका है कर्मचारियों का समायोजन
काशी विद्यापीठ में लंबे समय से कर्मचारियों का समायोजन लटका हुआ है। काशी विद्यापीठ में दर्जनों कर्मचारी मानदेय पर काम करते हैं और इन कर्मचारियों को अस्थायी कर दिया गया था। पूर्व कुलपति प्रो.अवध राम के समय कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कर्मचारियों के समायोजन को निरस्त कर दिया गया था इसके बाद से यह कर्मचारी एक निश्चित धनराशी पर काम कर रहे हैं। कर्मचारियों का दावा है कि काफी लिखा-पढ़ी करने के बाद ही शासन से समायोजन करने का आदेश आया है इसके बाद भी उनका समायोजन नहीं किया जा रहा है।
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