इस दिन सूर्य धनु और मीन राशियों से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेगा।
वाराणसी. हिंदू धर्म में 14 मार्च से किसी भी तरह के मांगलिक कार्यों पर प्रतिबंध लगा था। जो अब 14 अप्रैल को खत्म होकर 15 अप्रैल से मांगलिक कार्य विवाह, वास्तु पूजन, मुंडन संस्कार सहित अन्य कार्य शुरू हो जाएंगे। इस दिन सूर्य धनु और मीन राशियों से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेगा।
सूर्य एक राशि में एक महीने तक रहता है। जब सूर्य 12 राशियों का भ्रमण करते हुए बृहस्पति की राशियों, धनु और मीन, में प्रवेश करता है, तो अगले 30 दिनों यानि एक महीने की अवधि को खरमास कहा जाता हैं। इसमें शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।
जानिए कब तक होंगे मांगलिक कार्य
अब 22 जुलाई तक वैवाहिक कार्य होंगे। इसके बाद 23 जुलाई को देवशयनी एकादशी से 19 नवंबर देवउठनी एकादशी तक विवाह कार्य बंद रहेंगे। यानी 98 दिन तक विवाह के मुहूर्त रहेंगे। 16 मई से 13 जून तक अधिकमास रहने के कारण एक माह तक विवाह नहीं होंगे।
अक्षय तृतीया पर अबूझ मुहूर्त में होंगी शादियां
18 को अक्षय तृतीया है। यह अबूझ मुहूर्त है। इसमें सैकड़ों शादियां होंगी। विवाह आदि मांगलिक कार्य 22 जुलाई तक होंगे। 23 जुलाई को देवशयनी एकादशी से 19 नवंबर देवउठनी एकादशी तक विवाह कार्य बंद रहेंगे।
इन शुभ मुहूर्त में होंगे मांगलिक कार्य
अप्रैल में 18, 19, 20, 24, 25, 27, 28, 29 व 30
मई में 1,4, 5, 6, 11 और 12, 16 मई से 13 जून तक अधिकमास रहने से एक माह विवाह नहीं होंगे।
जून में 18, 19, 20, 21, 23, 25, 27, 28 व 29
जुलाई में 5, 6, 10 व 11 जुलाई तक