स्वामी शिवानंद इतनी उम्र होने के बाद भी बिना किसी सहारे के तेज कदमों से चलते हैं। पद्मश्री सम्मान लेने से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घुटने के बल बैठकर प्रणाम किया। उनकी ये भावना देखकर पीएम मोदी भी नतमस्तक हो गए। उन्होंने भी वृद्ध योगी को झुक कर प्रणाम किया।
योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए स्वामी शिवानंद को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है। उम्र के इस पड़ाव में भी उनकी चुस्ती-फुरती देख कर हर कोई उनका कायल हो गया। खुद भारत के सलाहकार अजीत डोभाल ने ट्वीट कर उनकी तारीफ की। स्वामी शिवानंद इतनी उम्र होने के बाद भी बिना किसी सहारे के तेज कदमों से चलते हैं। पद्मश्री सम्मान लेने से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घुटने के बल बैठकर प्रणाम किया। उनकी ये भावना देखकर पीएम मोदी भी नतमस्तक हो गए। उन्होंने भी वृद्ध योगी को झुक कर प्रणाम किया। इस पल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
नियमित योग है तंदुरुस्त सेहत का राज
125 वर्षीय स्वामी शिवानंद का आश्रम वाराणसी के दुर्गाकुंड के कबीरनगर में है। उनका जन्म 8 अगस्त, 1896 को वर्तमान बांग्लादेश के सिलहट जिले के हरीपुर गांव में हुआ था। इस आयु में भी वह किसी 20-30 वर्ष के नौजवान की तरह तेज कदम चाल चलते हैं। उनकी स्वस्थ और लंबी आयु का योगासन और घरेलू औषधियों का सेवन है। वह प्रतिदिन भोर में तीन बजे उठते हैं और स्नान आदि के बाद श्रीमद्भगवदगीता का पाठ करते हैं। वह प्रतिदिन सर्वांगासन करते हैं। यह उनका मुख्य आसन है। इसे तीन मिनट करने के बाद शवासन करते हैं। इसके साथ ही वह काकी मुद्रा, पवन मुक्तासन आदि भी करते हैं। यही वजह है कि वह कभी बीमार नहीं पड़े। उन्हें न तो ब्लडप्रेशर है न तो शुगर। पिछले वर्ष कोलकाता व चेन्नई के अपोलो अस्पताल में जांच में में वह पूरी तरह से स्वस्थ्य बताए गए थे।
तेल मसालों से दूर किचन औषधि से भरपूर खाते हैं खाना
स्वामी की दिनचर्या जितनी साधारण है उनका खानपान भी उतना ही साधारण है। वह प्रतिदिन कच्ची हल्दी चबाते हैं। खाने में लौंग, अदरक, धनिया, काली मिर्च व तेजपत्ता का सेवन करते हैं। कोरोना काल में भी स्वामी शिवानंद ने इन चीजों का नियमित सेवन किया था।