काशी में पौराणिक कालीन नौ मातृ शक्ति पीठों के स्थान आज भी सुरक्षित हैं
उन नौ पीठों में ब्राह्मी देवी मंदिर बहुत महत्वपूर्ण है। यह मंदिर वाराणसी के बालमुकुंद चौहट्टा में स्थित है।
मां माहेश्वरी देवी मंदिर। यह मंदिर ज्ञानवापी के नैऋत्य कोण में पीपल के वृक्ष से होकर बाबा विश्वनाथ की कचहरी की ओर जाने वाले गलियारे में मां माहेश्वरी विराजित हैं।
मां ऐंद्री देवी का मंदिर मणिकर्णिका घाट पर तारकेश्वर मंदिर के पश्चिम और इंद्रेश्वर के दक्षिण स्थित है।
मीरघाट के पास दाल्भ्येश्वर महादेव के समीप उत्तर भाग वाले भवन संख्या डी 16/84 में वाराही देवी का मातृशक्ति पीठ है।
जानिए इन देवियो की क्या है महिमा
काशी में विराजमान ये सभी शक्तिपीठ का दर्शन करने वाले हर तरह के विपत्तियों से दूर हो जाते हैं। ऐसे ही वैष्णवी देवी को नारायणी के नाम से पुराणों उल्लखित किया गया है। गायघाट के निकट राजमंदिर के उत्तर स्थित शीतला माता को ही नारायणी मातृ शक्ति पीठ के नाम से जाना जाता है। नवरात्र में इनके दर्शन-पूजन से किसी भी तरह के दुख-विपत्ति का नाश हो जाता है।