जारी हो गया नयी ट्रेन का शेड्यूल, बनारस व इंदौर में मिलेगा यह नाश्ता
वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र से 16 फरवरी को कारपोरेट ट्रेन काशी-महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे। 21 फरवरी को महाशिवरात्रि के एक दिन पहले 20 फरवरी से यात्री बनारस से इंदौर का सफर कर सकेंगे। उत्तर रेलवे के डीआरएम संजय त्रिपाठी ने पहले ही गूलर यार्ड में खड़ी महाकाल एक्सप्रेस के रैक का निरीक्षण कर सही स्थिति को जांचा है। काशी से इंदौर का सफर यह ट्रेन 19 घंटे में पूरा करेगी। सबसे बड़ी बात है कि ट्रेन में चलने वाले यात्रियों को दस लाख का बीमा भी मिलेगा।
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रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए तीन दिन का स्पेशल पैकेज भी दिया है। बाबा काशी विश्वनाथ दर्शन के साथ ही उज्जैन में महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर का दर्शन के लिए यही यह पैकेज है। पैकेज में दर्शन, पूजन, होटल में ठहरने, वाहन और खानपान की सारी सुविधा शामिल की गयी है। सप्ताह में तीन दिन चलने वाली इस ट्रेन का सफर 19 घंटे में पूरा होगा। सप्ताह के मंगलवार और बृहस्पतिवार को कैंट स्टेशन से दोपहर तीन बजे ट्रेन रवाना होगी। लखनऊ, रायबरेली, कानुपर, झांसी, बीना, भोपाल होते हुए उज्जैन सुबह 9.40 पर पहुंचेंगी। जबकि इंदौर से दोपहर १२ बजे ट्रेन रवाना होकर उसी रूट से अगले दिन सुबह 6 बजे बनारस पहुंच जायेगी। दोनों ही जगह पर ट्रेन सुबह पहुंचेगी। इससे दर्शन करने वालों को पूरी सुविधा मिलेगी।
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ट्रेन चलने से पांच मिनट पहले तक बुक हो सकेगा टिकट
ट्रेन चलने के पांच मिनट तक टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी। तेजस की तरह महाकाल एक्सप्रेस का भी विंडो टिकट नहीं मिलेगा। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने से एक घंटा पहले व चलने से पांच मिनट पहले तक यात्री करेंट काउंटर से टिकट मिल सकेगा। इसके अतिरिक्त IRCTC की वेबसाइट से भी ऑनलाइन टिकट की बुकिंग होगी। एसी तृतीय श्रेणी का किराया बहुत कम रखा गया है। ताकि अधिक से अधिक यात्री इस ट्रेन पर सफर कर सके।
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ट्रेन में मिलेगा यह नाश्ता
महाकाल एक्सप्रेस में कुल 18 कोच लगाये जायेंगे। शुरूआत में ट्रेन में 12 कोच ही होंगे। इसके बाद संख्या बढ़ायी जायेगी। ट्रेन में खाने-पीने का खर्च टिकट के दाम में ही जुड़ा रहेगा। कैंट रेलवे स्टेशन से ट्रेन चलने के दो घंटे बाद से यात्रियों को चाय-बिस्कुट मिलेगा। रात में सिर्फ शाकाहारी ही भोजन उपलब्ध होगा। अगले दिन फिर सुबह चाय व नमकीन दिया जायेगा। ट्रेन के इंदौर पहुंचने पर वहां पर पोहा मिलेगा। इंदौर से ट्रेन जब चल कर काशी पहुंचेगी तो यात्रियों को बनारस का मशहूर कचौड़ी-जलेबी दी जायेगी।
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