देवाधिदेव महादेव के भव्य दरबार में बनकर तैयार मणिमाला आने वाले दिनों में भक्तों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनकर उभरेगा। गंगा घाट से लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर के चारों तरफ फैली इस मणिमाला की भक्त परिक्रमा कर सकेंगे।
वाराणसी. देवाधिदेव महादेव के भव्य दरबार में बनकर तैयार मणिमाला आने वाले दिनों में भक्तों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनकर उभरेगा। गंगा घाट से लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर के चारों तरफ फैली इस मणिमाला की भक्त परिक्रमा कर सकेंगे। 27 मंदिरों की इस परिक्रमा के जरिये बाबा के गण और विग्रहों के दर्शन प्राप्त होंगे। 13 दिसंबर को अपने प्रस्तावित दौरे में प्रधानमंत्री मोदी इन विग्रहों की जानकारी देने वाले ऐप लांच करेंगे।
178 विग्रह के दर्शन का पुण्य लाभ
काशी विश्वनाथ धाम में 27 मंदिरों की एक खास मणिमाला तैयार की गई है। यह वो मंदिर है, जिनमें कुछ काशी विश्वनाथ के साथ ही स्थापित किए गए थे और बाकी समय-समय पर काशी पुराधिपति के विग्रहों के रूप में यहां बसाए गए थे। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की परिकल्पना के साथ ही अधिग्रहित भवनों से निकले इन मंदिरों को संरक्षित कर उन्हें विश्वनाथ धाम का हिस्सा बनाया गया है। बाबा के दरबार आने वाले श्रद्धालुओं को शिव कचहरी, देव गैलरी, काशी खण्डोक्त मंदिरों के साथ 178 विग्रह के दर्शन का पुण्य लाभ मिलेगा। धाम परिसर में निर्माण के दौरान 139 विग्रह, 39 काशी खण्डोक्त विग्रह और 27 प्राचीन देवालय मिले हैं।
मणिमाला का इतिहास जानेंगे भक्त
धाम में शामिल मंदिर मणिमाला का इतिहास देश और दुनिया के भक्तों तक पहुंचाने के लिए विशेष इंतजाम किया गया है। खास एप्लीकेशन की मदद से मंदिरों का महत्व भक्तों को बताया जाएगा. इसके लिए बीएचयू के डिपार्टमेंट ऑफ हिस्ट्री के साथ ही आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया का भी सहयोग लिया गया है। इसके माध्यम से कॉरिडोर में बने मंदिरों के नजदीक आते ही उस मंदिर का इतिहास ऑडियो-वॉइस के जरिए लोगों को सुनाई देगा, जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा।