
वाराणसी. बाहुबली मुख्तार अंसारी के कभी खास रहे मेराज अहमद को शुक्रवार से कोर्ट से बड़ी राहत मिल गयी है। अपर जिला जज (द्वितीय) लोकेश राय की अदालत ने हेरोइन बरामदगी के मामले में मेराज अहमद को दोष मुक्त करार दिया है। बसपा के चर्चित नेता रहे मेराज के लिए यह मामला बेहद महत्वपूर्ण था और बरी होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
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सपा सरकार के तत्कालीन सीएम मुलायम सिंह यादव के समय बसपा नेता मिराज अहमद के घर में छापा पड़ा था। 15 जून 2006 को कैंट, जैतपुरा व अन्य थानों की फोर्स ने मेराज अहमद के घर पर देर रात तीन बजे छापेमारी की थी और मेराज अहमद को गिरफ्तार करके 450 ग्राम हेरोइन बरामद करने का दावा किया था। मेराज अहमद ने उसी समय खुद को निर्दोष बताया था और राजनीतिक साजिश के तहत पुलिस प्रशासन पर फर्जी ढंग से फंसाने का आरोप लगाया था। इस बरामदगी के चलते मेराज अहमद को काफी समय तक जेल में रहता था। जेल जाने से पहले तक मेराज अहमद को बाहुबली मुख्तार अंसारी का खास माना जाता था और मुख्तार अंसारी के कई काम देखने की जिम्मेदारी भी मेराज को मिली थी। इस मुकदमे के चलते मेराज अहमद की सक्रियता सभी जगहों से खत्म हो गयी थी और बाद में मेराज का नाम लेने वाला कोई नहीं बचा था। कोर्ट में लंबी सुनवाई के बाद अभियोजन पक्ष ऐसा कोई साक्ष्य नहीं दे पाये थे जिससे मेराज अहमद पर कोई आरोप साबित होता। न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए मेराज अहमद को बरी कर दिया है। बचाव पक्ष की तरफ से पैरवी एहतेशाम आब्दी ने की थी।
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मुन्ना बजरंगी से भी थे खास संबंध
मेराज अहमद के मुन्ना बजरंगी से भी खास संबंध थे। मेराज का एक समय जलवा था और मेराज पर मुन्ना बजरंगी के लिए रंगदारी वसूलने का आरोप लगता था। वसूली के एक आरोप में मेराज अहमद लंबे समय तक तिहाड़ जेल में भी बंद था, लेकिन हेरोइन मामले में बरी होने से मेराज अहमद को बड़ी राहत मिल गयी है।
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