
वाराणसी. शहीद सीआरपीएफ जवान के अंतिम संस्कार में हाथ में तिरंगा लेकर लोगों की इतनी भीड़ उमड़ी कि सभी दंग रह गये। लोगों ने कहा कि पहले ऐसा नजारा कभी नहीं देखा था। तिरंगा लहराते हुए लोग पाकिस्मान मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। सभी लोगों का कहना था कि केन्द्र सरकार जब तक शहीदों का बदला नहीं ले लेती है तब तक हम लोगों का गुस्सा शंात नहीं होगा।
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पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान रमेश यादव का पार्थिव शरीर सुबह ही आ गया था लेकिन बड़े भाई के नहीं आने के चलते ही अंतिम संस्कार करने में देरी हुई। दोपहर बाद जब शहीद की अंतिम यात्रा निकली तो कई गांव के लोग वहां पर पहुंच गये थे। लोगों के हाथों में तिरंगा था और भारत माता की जय के नारे लगाते हुए चल रहे थे। कुछ ही देर में वहां पर लोगों का जनसैलाब उमड़ गया। लोगों की आंखों में गुस्सा साफ झलक रहा था सभी लोग एक अवाज में कह रहे थे कि गांव के वीर सपूत की श्हादत बेकार नहीं जायेगी। आतंकवादियों से बदला लेने में हम लोगों के दिल में आग जलती रहेगी।
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जिला प्रशासन की गलती के चलते देर से पहुंचा था भाई
जिला प्रशासन की गलती के चलते ही सीआरपीएफ के शहीद जवान रमेश यादव के भाई राजेश यादव देर से पहुंचे थे इस बात को लेकर केन्द्रीय मंत्री डा.महेश शर्मा ने लोगों से हाथ जोड़ कर माफी मांगी थी और कहा था कि यह चूक है और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जायेगी। सीआरपीएफ जवान का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उस समय लोगों की आंखे भर आयी थी और सभी कह रहे थे कि देश की रक्षा में एक बेटा शहीद हो गया है। देश के और बेटे भी भारत माता के लिए कुर्बानी देने को तैयार हैं।
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