
वाराणसी. पुलवामा आतंकी हमले में शहीद जवान ड्यूटी पर जाने से पहले अपने डेढ़ साल के बेटे से कहा था कि वापस आने पर इलाज करवाउंगा। परिजन भी अपने वीर सपूत की राह देख रहे थे उन्हें क्या पता था कि बेटे के घर आने से पहले ही उसकी शहादत की खबर आ जायेगी। चौबेपुर के तोफापुर निवासी रमेश यादव के बेटे आयुष का पैर जन्म से ही टेढ़ा है, जिसका इलाज कराना है।
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सीआरपीएफ जवान रमेश यादव का परिवार गरीब है। परिवार में दो बेटे थे और सीआरपीएफ में भर्ती होने के बाद रमेश यादव ही सारे परिवार का खर्च उठाते थे। शहीद जवान के बेटे आयुष का पैर जन्म से ही टेढ़ा है। आयषु को चिकित्सकों को दिखाया गया था तो कहा था कि खास तरह का अभी जूता पहनाने से बच्चा ठीक हो जायेगा। कश्मीर में जाते समय रमेश ने अपने परिवार के सदस्यों से कहा था कि ड्यूटी से वापस आने के बाद आयुष का ठीक से इलाज करवाउंगा। बेटे को ठीक कराने का सपना देकर निकले रमेश का नहीं पता था कि वह अब कभी वापस नहीं आयेंगे। परिजन बेहद गरीब है इसलिए उन्हें अब आयुष के इलाज की चिंता होने लगी है। परिजनों के घर पहुंचे बीजेपी के मंत्री अनिल राजभर ने सभी संभव मदद का आश्वासन दिया है। शहीद के भाई को सरकारी नौकरी देने के साथ ही सरकारी सहायता भी दी जायेगी।
केन्द्र सरकार पर बढ़ा दबाव, पाकिस्तान के खिलाफ करे सख्त कार्रवाई
शहीद के परिजनों ने कहा कि केन्द्र सरकार को अब पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। सेना को खुली छूट दे दी जायेगी तो देश से आतंकवाद का सफाया हो जायेगा। पाकिस्तान में ट्रेनिंग पाये आतंकवादी पीछे से सेना के जवानों पर हमला बोल कर उन्हें शहीद कर देते हैं। केन्द्र सरकार एक बार सख्त कार्रवाई करेगा तो भविष्य में ऐसी घटना नहीं हो पायेगी।