
वाराणसी. बसपा सुप्रीमो मायावती बड़ा दांव खेल कर प्रियंका गांधी को तगड़ा झटका देने की तैयारी में है। लोकसभा चुनाव 2019 के पहले ही बसपा की खास रणनीति का खुलासा हो गया है। बसपा के नये दांव से अखिलेश यादव की भी ताकत बढ़ जायेगी। यूपी में प्रियंका गांधी की एंट्री से सबसे अधिक नुकसान सपा व बसपा गठबंधन को हो रहा है जिसको देखते हुए ही नया प्लान बनाया गया है।
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने सबसे पहले अखिलेश यादव की पार्टी सपा से गठबंधन किया है इसके बाद अब ब्राह्मण कार्ड खेलने की तैयारी में है। बसपा से सर्वण वोटरों को जोडऩे में जुटी मायावती के इस दांव प्रियंका गांधी की परेशानी बढ़ सकती है। बसपा ने कई लोकसभा प्रभारियों के नाम का ऐलान किया है, जिसमे सबसे अधिक संख्या ब्राह्मणों की है। बीएसपी ने 18 प्रभारियों का नाम का ऐलान किया है, उसमे ब्राह्मणों की संख्या अधिक है। भदोही से रंगनाथ मिश्रा, प्रतापगढ़ से अशोक तिवारी, खलीलाबाद से कुशल तिवारी, घोसी से अजय राय, सीतापुर से नकुल दुबे आदि ऐसे लोकसभा प्रभारी है, जिन्हें लोकसभा चुनाव 2019 में टिकट मिल सकता है। बसपा में यह माना जाता है कि जिसे लोकसभा प्रभारी बनाया जाता है उसे टिकट मिलने में सबसे अधिक आसानी होती है। बसपा ने पहले भी दलित व ब्राह्मण समीकरण के सहारे यूपी की सत्ता पर कब्जा किया था और एक बार फिर मायावती इसी दांव को खेलने जा रही है।
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प्रियंका गांधी को लगेगा झटका, सीएम योगी की बढ़ जायेगी परेशानी
राहुल गांधी ने पूर्वी यूपी की कमान प्रियंका गांधी को देकर बड़ा दांव खेला है। कांग्रेस तेजी से ब्राह्मण वोटरों को अपने पाले में करने में जुटी है इसी क्रम में प्रियंका गांधी को महत्वपूर्ण भूमिका दी गयी है। यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार है। गोरखपुर के तत्कालीन सांसद योगी आदित्यानथ के मुख्यमंत्री बनते ही ब्राह्मण बीजेपी से भी नाराज चल रहे हैं। बीजेपी ने डा.महेन्द्रनाथ पांडेय को प्रदेश अध्यक्ष बना कर ब्राह्मणों की नाराजगी दूर करने का प्रयास किया है लेकिन अभी तक पूरी सफलता नहीं मिल पायी है। बसपा के साथ ब्राह्मण मतदाता व नेता जुड़ते हैं तो प्रियंका गांधी की मुहिम को झटका लगना तय है। पीएम नरेन्द्र मोदी को यूपी में 73 से अधिक सीट दिलाने में जुटे सीएम योगी आदित्यनाथ की परेशानी बढऩा भी तय है।
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