
MLC Election UP: वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों की मतगणना के बीच समाजवादी पार्टी ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। चंदौली से सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने दावा किया कि शिक्षक निर्वाचन सीट से पार्टी के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव निर्वाचित हो चुके हैं, जबकि स्नातक सीट पर प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा करीब 3000 मतों से आगे चल रहे हैं। उन्होंने आशुतोष सिन्हा की जीत का भी भरोसा जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जीत के बाद भी लाल बिहारी यादव के नाम को सार्वजनिक करने में जिला प्रशासन ने घंटों की देरी की।
सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि शिक्षक सीट पर लाल बिहारी यादव की जीत के बावजूद छह घंटे तक आधिकारिक घोषणा नहीं किया जाना संदेह पैदा करता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मतगणना के प्रत्येक राउंड के परिणाम सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति न बने। वीरेंद्र सिंह ने कहा है कि मतगणना के दौरान सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसके बावजूद पार्टी के कार्यकर्ता धैर्य बनाए रखते हुए परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दिए जाने से भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
सपा सांसद ने कहा कि कई स्थानों पर प्रत्याशियों की जीत की घोषणा हो चुकी है, लेकिन शिक्षक निर्वाचन सीट पर सपा प्रत्याशी के जीतने के बावजूद आधिकारिक घोषणा में देरी समझ से परे है। उन्होंने इसे दोहरे रवैये का मामला बताते हुए प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने को कहा। सपा सांसद ने चेतावनी दी कि यदि मतगणना में हेराफेरी की कोई सूचना सामने आती है तो इसके लिए जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि 5 हजार मतों से आगे रहने के बावजूद परिणाम की घोषणा में देरी क्यों की गई, इसका जवाब प्रशासन को देना चाहिए।
वीरेंद्र सिंह ने एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्याशियों के प्रदर्शन को आगामी विधानसभा चुनाव से भी जोड़ा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक सीटों पर पार्टी की बढ़त इस बात का संकेत है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी अपना परचम लहराएगी। वीरेंद्र सिंह ने कहा है कि एक सीट पर सपा के प्रत्याशी जीत चुके हैं और दूसरी सीट पर बढ़त बनाए हुए हैं, जल्द ही इस बात की भी पुष्टि हो जाएगी कि स्नातक सीट भी समाजवादी पार्टी के पहले में आ गई है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गढ़ में सपा का इस तरह का प्रदर्शन 2029 में प्रधानमंत्री के विदाई के भी संकेत हैं।