
MLC Election Update: वाराणसी खंड स्नातक शिक्षक पद से निवर्तमान एमएलसी लाल बिहारी यादव ने दावा किया है कि उन्होंने एक बार फिर से इस चुनाव में जीत हासिल की है। उन्होंने दावा किया कि वह 5 हजार से अधिक मतों से इस चुनाव को जीत चुके हैं। उनकी घोषणा के बाद भारी संख्या में सपा के समर्थकों ने उनका मतगणना स्थल के बाहर स्वागत सत्कार किया। इस दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व लाल बिहारी यादव के समर्थन में नारे लगाए जा रहे थे।
जीत के बाद लाल बिहारी यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की स्थिति बदहाल थी और इस स्थिति को संभालने के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें दायित्व सौंपा था और यह उन शिक्षकों की जीत है, जिन्होंने उन्हें चुनकर वापस एक बार फिर से समाजवादी पार्टी पर भरोसा जताया है। लाल बिहारी यादव ने दावा किया है कि चुनाव में जीत के बाद वह पुरानी पेंशन को एक बार फिर से बहाल करेंगे। वहीं, शिक्षकों को उचित मानदेय देंगे।
नवनिर्वाचित एमएलसी लाल बिहारी यादव ने बताया है कि वह एक बार फिर से मदरसों में तैनात शिक्षकों को उनका बकाया वेतन भुगतान करवाएंगे। उन्होंने बताया कि दीवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को शिक्षक समाज अपना नेता मानता था और समाजवादी पार्टी भी उसी तरीके से काम करेगी, ताकि शिक्षकों का भरोसा एक बार फिर से समाजवादी पार्टी पर बना रहे।
लाल बिहारी यादव कहा है कि वह मदरसा, सरकारी स्कूल और तमाम उन शिक्षकों का धन्यवाद करना चाहते हैं, जिन्होंने उन्हें वोट देकर एक बार फिर से एमएलसी के चुनाव में जीताया है। उन्होंने दावा किया है कि एक बार फिर से 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और अखिलेश यादव एक बार फिर से मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर उत्तर प्रदेश में विकास की गाथा को आगे बढ़ाएंगे।
लाल बिहारी यादव ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी की नीतियों से शिक्षक समाज में रोष व्याप्त है और शिक्षक इससे रुष्ट हो चुके हैं। वर्तमान समय में शिक्षकों के आंख में आंसू साफ तौर पर देखे जा सकते हैं और यही वजह है कि उन्होंने समाजवादी पार्टी पर एक बार फिर से भरोसा जताया। लाल बिहारी यादव ने कहा है कि भले ही समाजवादी पार्टी के विपक्ष में स्वयं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रचार करते नजर आ रहे थे। इसके साथ ही डीआईओएस को भी धमकाने का कार्य किया गया, लेकिन उसका कोई भी असर देखने को नहीं मिला नतीजा सबके सामने है।