वाराणसी

मोहन भागवत की बैठक में मंथन जारी, राम मंदिर को लेकर संघ इस दिन दिखायेगा ताकत

चार राज्यों से देश भर में सुनाई देगी धमक, कुंभ के लिए स्वयंसेवकों ने शुरू की तैयारी

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Nov 13, 2018
PM Narendra Modi and Mohan Bhagwat

वाराणसी. आरएसएस चीफ मोहन भागवत की बैठक में राम मंदिर मुद्दे को लेकर मंथन जारी है। लोकसभा चुनाव 2019 के पहले राम मंदिर को लेकर लोकतांत्रिक ढंग से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी ताकत दिखाने की तैयारी कर रहा है। छह दिन प्रवास के लिए बनारस आये संघ प्रमुख 250 से अधिक प्रचारकों के साथ बैठक कर विभिन्न मुद्दों पर मंथन करने में जुटे हुए हैं। संघ का मुख्य उद्देश्य राम मंदिर निर्माण पर केन्द्र सरकार पर दबाव बनाना है।

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संघ के सूत्रों की माने तो राम मंदिर मुद्दे को लेकर 25 नवम्बर को देश के चार बड़े राज्यों में संघ ने अपनी ताकत दिखाने की तैयारी की है। दिल्ली, बंगलुरु, अयोध्या व नागपुर में खास आयोजन हो सकता है। आयोध्या में इसी दिन से राम पाठ आरंभ करने की भी तैयारी है। सूत्रों की माने तो संघ अब राम मंदिर मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई लडऩे को तैयार है। चार राज्यों में देश भर से स्वयंसेवक बुलाये जायेंगे। अयोध्या से सटे हुए जिलों से पचास हजार लोगों को बुलाने की योजना है जबकि अन्य जिलों से पांच-पांच हजार स्वयंसेवक व अन्य लोग इस मुद्दे को लेकर एकजुट होंगे।
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पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद लोकसभा के लिए खीचा जायेगा खाका
सूत्रों की माने तो संघ अभी पांच राज्यों के चुनाव परिणाम पर संघ की नजर है। लोकसभा चुनाव को लेकर अभी अंतिम खाका नहीं खींचा गया है। इन राज्यों के चुनाव परिणाम के अनसुार संघ अपनी रणनीति पर अंतिम निर्णय करेगा। लोकसभा चुनाव में बीजेपी किन मुद्दों को लेकर राहुल गांधी, अखिलेश यादव व मायावती के महागठबंधन की धार कुंद करेगी। इस पर निर्णय पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद होगा।
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कुंभ में तैनात होंगे स्वयंसेवक
आरएसएस सूत्रों की माने तो प्रयागराज में लगने वाले कुंभ में स्वयंसेवकों की तैनाती की जायेगी। 51 दिन कुभ चलेगा। प्रतिदिन दो हजार स्वयंसेवकों को कुंभ में तैनात किया जायेगा। अलग-अलग जगहों के स्वयंसेवकों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गयी है।
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संघ की इच्छा पर हो रहा है सात तरह का कुंभ
आरएसएस की इच्छा पर ही सात तरह का कुंभ हो रहा है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ को पर्यावरण कुंभ कराने की जिम्मेदारी मिली है जबकि मातृ शक्ति कुंभ वृंदावन, समरसता कुंभ अयोध्या, युवा कुंभ फैजाबाद, धर्म संस्कृति एंव नेत्र कुंभ के साथ मुख्य कुंभ प्रयागराज में होना है। आरएसएस की इच्छा है कि कुंभ के बहाने अधिक से अधिक लोगों को अपनी संस्कृति से जोड़ा जाये। सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने विदेश से भी लोगों को कुंभ के लिए आमंत्रित किया है जिससे योग की तरफ कुंभ का भी दुनिया में प्रचार हो।
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Published on:
13 Nov 2018 08:08 pm
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