
वाराणसी. यूपी के सुपारी ङ्क्षकग माने जाने वाले मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मार कर हत्या कर दी गयी है। पुलिस जांच के बाद ही हत्या के सही कारणों का खुलासा हो जायेगा। हत्याकांड से जुड़ी बड़ी बात यह है कि मुन्ना बजरंगी के सिर में ही गोली मारी थी जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि अपराधियों को इस बात की पहले से जानकारी थी इसके चलते वह रिस्क नहीं लेना चाहते थे।
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यूपी में सुपारी किंग माने जाने वाले मुन्ना बजरंगी दो दशक से अधिक समय तक जरायम की दुनिया सक्रि था। 11 दिसम्बर 1998 को यूपी व दिल्ली पुलिस के साथ दिल्ली में मुन्ना बजरंगी का एनकाउंटर हुआ था। कहा जाता था कि इस एनकाउंटर में मुन्ना बजरंगी को आधा दर्जन से अधिक गोल लगी थी। पुलिस ने मान लिया था कि मुन्ना बजरंगी की मौत हो गयी थी। इसी बीच वहां पर एक मानवाधिकार कार्यकर्ता पहुंच गया था उसने देखी कि मुन्ना बजरंगी सांस चल रही थी जिसके बाद उसे अस्पातल में भर्ती कराया गया था जहां उसने मौत को मात देते हुए नयी जिंदगी पायी थी। कहा जाता है कि मुन्ना बजरंगी के शरीर में एक गोली फंसी रह गयी थी। चिकित्सकों ने कहा था कि यह गोली निकाली गयी तो प्रेमप्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की जान जा सकती है। इसके बाद से वह गोली मुन्ना बजरंगी के शरीर में ही फंसी रही। सुपारी किंग की मौत हो जाने के बाद पोस्टमार्टम के समय फंसी गोली के राज का खुलासा हो सकता है।
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तो फिर अपराधियों ने सिर में ही मारी गोली
बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या किसने की है यह तो समय ही बतायेगा। अपराधियों को इस बात की जानकारी थी कि एक बार आधा दर्जन से अधिक गोली खा कर भी मुन्ना बजरंगी नहीं मरा था जिसके चलते उसके सिर में 9 से 10 गोली मारी गयी थी जिससे बचने की संभावना खत्म हो जाये। मुन्ना बजरंगी एक बार मौत को मात दे चुका था इसलिए अपराधी नहीं चाहते थे कि फिर से मुन्ना बजरंगी को बचने का मौका मिले। अपराधियों ने सिर को निशाना बनाया और सुपारी किंग को मौत दे दी।
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