वाराणसी

मुस्लिम महिलाओं ने उर्दू में रचित आरती के साथ की प्रभु श्रीराम की पूजा

कहा सभी धर्म व जाति से उपर है प्रभु श्रीराम, प्रभु राम के आदर्श पर चलने से दुनिया में आयेगी शांति
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Updated: 7 Nov 2018, 2:51 PM IST
Muslim Woman warship of Lord Rama
Muslim Woman warship of Lord Rama

वाराणसी. मुस्लिम महिलाओं ने दीपावली के दिन बुधवार को प्रभु श्री राम की आरती उतार का कट्टरपंथियों को तगड़ा झटका दिया है। विशाल भारत संस्थान व मुस्लिम महिला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में वरुणा नगरम कॉलोनी में सैकड़ों की संख्या में जुटी हिन्दू व मुस्लिम महिलाओं ने प्रभु श्रीराम की आरती उतारी है। नानजीन अंसारी ने उर्दू में रचित श्रीराम की आरती का गायन कर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।
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मुस्लिम महिला फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नानजीन अंसारी ने कहा कि भगवान श्री राम सभी धर्म व जाति से उपर है। प्रभु राम हिन्दुस्तान के पूर्वज है सभी को उनके आदर्शों का पालन करने से परिवार व देश में खुशी व समृद्धि आती है। नाजनीन अंसारी ने कहा कि नफरत से जूझ रहे मध्य एशिया के देशों की सरकारों को अपने यहां पर रामायण व रामचरितमानस को पढ़ाना अनिवार्य कर देना चाहिए। इससे उनके देशों में स्थायी शांति आ जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का नाम ही दुनिया को परमाणु विनाश से बचा पायेगा। नाजनीस अंसारी ने कहा कि जितनी जल्दी अयोध्या में प्रभु श्रीराम का मंदिर बनेगा। उतनी जल्द ही हिन्दू व मुसलमानों के दिलों के तार जुड़ेंगे। समय आ गया है कि अपने पूर्वज के मंदिर निर्माण के लिए मुसलमान आगे आये। नाजनीन अंसारी ने कहा कि जब इंडोनेशिया के मुसलमान अपने पूर्वज श्रीराम की लीला कर सकते हैं तो भारतीय मुसलमान ऐसा क्यों नहीं कर सकते। राम मंदिर का निर्माण कराने से इस्लाम की इज्जत दुनिया में और बढ़ जायेगी।
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7 Nov 2018, 2:51 PM IST
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