कांग्रेस ज्वाइन करने के ठीक पहले नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सबसे करीबी सालिम अंसारी ने उनके साथ जाने से किया इनकार, मान-मनव्वल भी नहीं आयी काम।
वाराणसी. बहुजन समाज पार्टी के नेता और कभी बसपा सुप्रीमो मायावती के बेहद करीबी रहे नसीमुद्दीन अब कांग्रेसी हो गए। उनके कांग्रेस में जाने की अटकलें कफी समय से लगायी जा रही थीं। आखिरकार उन्होंने गुरुवार को कांग्रेस का दामन थाम ही लिया। पर कांग्रेस ज्वाइन करने के साथ ही उनके साथ एक धोखा भी हुआ है। नसीमुद्दीन इस धोखे को शायद जल्दी भूल न पाएं।
दरअसल नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ जो धोखा हुआ वह उनके अपने सबसे करीबियों ने ही दिया है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी को जिन लोगों के अपने होने पर पूरा भरोसा था उन्होंने ही आखिरी समय पर उनका साथ छोड़ दिया। दरअसल हुआ ये कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी को अपने कुछ करीबी पूर्व सांसद और विधायकों के साथ कांग्रेस ज्वाइन करनी थी ताकि ऐसा लगे कि भले ही वह बसपा से निकल गए हों पर उनके पास अब भी लोग हैं जो उनके एक इशारे पर कभी भी इधर से उधर जा सकते हैं। पूर्वांचल से उनके सबसे करीबियों में राज्यसभा सांसद रहे मऊ के सालिम अंसारी हैं। सालिम अंसारी को भी नसीमुद्दीन के साथ ही कांग्रेस ज्वाइन करना था। इसके लिये उनकी नसीमुद्दीन सिद्दीकी से बात भी हो चुकी थी। पर ऐन समय पर सालिम ने नसीमुद्दीन का साथ छोड़ दिया। काफी मान मनव्वल के बावजूद भी सालिम अंसारी कांग्रेस में नहीं गए।
इसलिये नहीं ज्वाइन की कांग्रेस
पत्रिका ने जब उनसे जानना चाहा कि उन्होंने आखिरकार कांग्रेस में जाने से इनकार क्यों कर दिया तो इस पर उनका जवाब कुछ यूं था। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस में कहीं से फिट नहीं हो रहा था। इसके पीछे उन्होंने कुछ और भी कारण बताए। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के जिस इलाके से वह आते हैं वहां कांग्रेस का नामो-निशान भी नहीं।
बसपा में वापसी भी है विकल्प
सालिम अंसारी ने कहा कि उनके लिये राजनीति में दूसरे विकल्प खुले हैं और वह उस पर गौर भी कर रहे हैं। कुछ पार्टियों से बात भी चल रही है। दावा किया कि वह बसपा में वापस भी जा सकते हैं। उनकी बहुजन समाज पार्टी में घर वापसी को लेकर बात भी चल रही है। साथ ही यह भी जोड़ा कि अभी फिलहाल उन्होंने किसी पार्टी में जाने का फैसला नहीं किया है।